जिले की सड़कों पर दौड़ रही करीब 13 लाख गाड़ियों के मालिकों को अब अपने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी प्लेट लगानी पड़ेगी। ये नंबर प्लेट वाहन कंपनियों की एजेंसियों पर लगेंगी। नंबर प्लेट के लिए लोगों को शुल्क भी देना होगा।
संभागीय परिवहन अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि जिले में करीब 13 लाख वाहन हैं, जिनमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगनी हैं। ये नंबर प्लेट वाहन कंपनियों की एजेंसियों पर लगेंगी । इसके लिए सरकार की ओर से वाहन कंपनियों के साथ एजेंसियों को भी निर्देशित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि वाहन स्वामी जब एजेंसी पर हाई सिक्योरिटी प्लेट लगवाने जाएंगे तो उसकी डिटेल ऑनलाइन परिवहन विभाग को भी मिल जाएगी। एजेंसी संचालक को पूरी डिटेल ऑनलाइन मुहैया करानी जरूरी है। इससे विभाग को रोजाना का विवरण पता चलता रहेगा कि आखिरकार कितने लोगों ने नंबर प्लेट लगवाईं।
यह है समयावधि
परिवहन विभाग ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने का शुल्क और समय भी निर्धारित किया है। नंबर प्लेट लगने के बाद ही आरटीओ कार्यालय में सारे काम हो सकेंगे। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए चार पहिया वाहन के लिए पांच सौ से एक हजार रुपये और दो पहिया के लिए 200 से 500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। जो वाहन एक अप्रैल 2005 के पहले के हैं, उन्हें चार महीने में नंबर प्लेट बदलवानी होंगी। जो वाहन एक अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2010 के बीच वाले हैं, उनके लिए छह माह की अवधि निर्धारित की गई है। इसी तरह जो वाहन एक अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2015 तक की समयावधि के हैं, उन्हें आठ महीने और जो एक अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2019 तक के हैं, उन्हें 10 महीने में हाई सिक्योरिटी वाली नंबर प्लेट लगानी होंगी।