आरुषि-हेमराज मर्डर केस में ट्रायल का सामना कर रहे तलवार दंपति की मांग पर विचार करने के लिए हाईकोर्ट सहमत है।
मर्डर केस की जांच से जुड़े कई दस्तावेज और वैज्ञानिक साक्ष्यों को प्रस्तुत करने की उनकी मांग पर सुनवाई के लिए दो जुलाई की तिथि नियत की गई है।
इस दौरान सीबीआई अदालत गाजियाबाद में चल रहे ट्रायल पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। न्यायालय इस बात पर सहमत है कि सीबीआई कोर्ट ने तलवार की अर्जी को खारिज करने का गलत आधार लिया है।
सीबीआई कोर्ट ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को मात्र विशेषज्ञ की राय मानते हुए साक्ष्य के तौर पर समन करने से इनकार कर दिया था।
ट्रायल कोर्ट का मानना है कि इन साक्ष्यों को स्वीकार नहीं करने से बचाव पक्ष को कोई नुकसान नहीं होगा।
डॉ. तलवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा कि याची के इस तर्क में बल है कि विशेषज्ञ की राय साक्ष्य अधिनियम के तहत एक साक्ष्य है और ट्रायल कोर्ट को सीआरपीसी की धारा 233 (3) के तहत अर्जी खारिज करने का अधिकार नहीं है।
इस विषय पर और विचार करने की आवश्यकता है। सीबीआई की ओर से याचिका का विरोध करते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई है। सीबीआई को दो जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करना है।