कासगंज के अमापुर से एक किशोरी के लापता होने पर पुलिस ने उसी गांव के गौरव को हिरासत में लिया था। मगर किशोरी बरामद नहीं हुई। पुलिस ने गौरव को नहीं छोड़ा। इसके बाद 9 फरवरी को गौरव ने थाने के पीछे बने शौचालय में मफलर से फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। इस घटना के बाद पुलिस ने उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
कासगंज के अमापुर थाने में पिछले दिनों आत्महत्या की कोशिश करने वाले युवक की 14 फरवरी सुबह मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। हालांकि उसके पोस्टमार्टम में हैगिंग से ही मौत होना आया है। पोस्टमार्टम के बाद परिवार ने शव ले जाने से इंकार करते हुए हंगामा कर दिया। अधिकारियों के समझाने पर शांत हुए और देर शाम शव साथ ले गए।
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कासगंज के अमापुर से एक किशोरी के लापता होने पर पुलिस ने उसी गांव के गौरव को हिरासत में लिया था। मगर किशोरी बरामद नहीं हुई। पुलिस ने गौरव को नहीं छोड़ा। इसके बाद 9 फरवरी को गौरव ने थाने के पीछे बने शौचालय में मफलर से फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। इस घटना के बाद पुलिस ने उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। 14 फरवरी को दो डाक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। जिसमें मौत का कारण हैंगिंग आया है। करीब शाम 4.30 बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार पोस्टमार्टम शुरू होने से करीब सात घंटे पहले मौत होना आया है।
इधर, पोस्टमार्टम के बाद शाम को परिवार वालों ने वहां हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि युवक के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने के दौरान कोई जानकारी नहीं दी गई। वे शव नहीं ले जाएंगे। इस सूचना पर वहां कई थानों की पुलिस, सीओ तृतीय, सीओ प्रथम आदि आ गए। बाद में परिजनों को किसी तरह समझाकर शांत किया गया। परिवार ने कहा कि वे यह लिखित में दें कि पुलिस अंतिम संस्कार का दबाव नहीं बनाएगी। बाद में कासगंज के अधिकारियों से वार्ता कर परिवार को समझाया गया। तब जाकर एसपी देहात पलाश बंसल के समझाने पर वे शांत हुए। बाद में सात बजे परिजन शव अपने साथ ले गए।