दोहरे हत्याकांड की खबर पर ठीक अगले दिन तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही तड़के ही लखनऊ से अलीगढ़ पहुंच गए थे। वे यशपाल सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और तत्कालीन बसपा शासन की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन वरिष्ठ भाजपा नेता कलराज मिश्रा की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पर हुआ।
मौके पर टूटा मिला चश्मा, रायफल क्लिप
भगदड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौके पर काफी संख्या में खोखों के साथ-साथ टूटा चश्मा, उसके शीशे व रायफल क्लिप तक बरामद हुईं, जो भगदड़ में टूट कर गिरे होंगे।
इस तरह गिरफ्तारी और हथियार बरामद हुए
भाजपा के दबाव के चलते पुलिस ने सबसे पहले 4 मार्च को एक, फिर 7 मार्च को दो, 17 मार्च को चार व 18 मार्च को दो आरोपी गिरफ्तार किए। सभी से हथियार बरामद हुए, जिनमें से मुख्य आरोपी अशोक व प्रमोद ने रिमांड के दौरान जवां नहर से हथियार बरामद कराए थे।
अजय पाल से मिली थी चौहान भाइयों की रायफल
घटनास्थल पर हमलावरों की संख्या अधिक होने और अचानक हमला होने के कारण यशपाल पक्ष खुद को ठीक से बचा नहीं पाया था। इस दौरान हमलावर चौहान भाइयों की रायफल तक लूट ले गए थे, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार अजय पाल से बरामद किया था।
मुकदमे में कुल 20 गवाह, 12 हुए पेश
इस मुकदमे में कुल 20 गवाह पुलिस स्तर से बनाए गए, जिनमें से कुल 12 गवाह अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए। वादी, एक घायल संकेत, ड्राइवर शिवकुमार, सिपाही रोशन, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, घायलों का परीक्षण करने वाले डॉक्टर, चार दरोगा, विवेचक थाना प्रभारी पेश किए गए। इस दौरान 13वां गवाह घायल पुष्पेंद्र भी पेश होना था। मगर उसकी गांव में हत्या हो गई।
स्क्रैप ठेके में ऐसे रखी गई रंजिश की नींव
यशपाल सिंह चौहान के बेटे गौरव चौहान बताते हैं कि पावर हाउस की पुरानी 30/3 मेगावाट यूनिट गिराने व उसके स्क्रैप का ठेका 27 करोड़ रुपये में उनके पिता ने लिया था। मुकदमे में आरोप है कि अशोक रावत व प्रमोद राघव पक्ष ने ठेके में हिस्सा या रंगदारी के लिए यशपाल पक्ष पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब उन्होंने बात नहीं मानी तो इस घटना को अंजाम दिया।
अभियोजन दलील व मुकदमे के आरोप के अनुसार चूंकि प्रमोद का एक भाई अजय पाल व करीबी केशव पावर हाउस में कर्मचारी भी थे। ये सभी ठेकेदारी भी करते थे। पावर हाउस में ही रहते थे। जैसे ही उन्हें खबर मिली कि यह पूरा परिवार बैंक आया है। तभी तैयारी के साथ घटना को अंजाम दिया।