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मिट्टी की ढाय में दबा मजदूर: आठ दिन में दूसरी मौत, निर्माण कार्यों के तरीके पर उठ रहे सवाल, पनपा जन आक्रोश

Sun, 26 Apr 2026 03:29 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सीवर लाइन मरम्मत के दौरान मिट्टी धंसने से श्रमिक महेंद्र सिंह की मौत के बाद पूरे शहर में आक्रोश है। इस हादसे के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों में नगर निगम की भूमिका को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है।
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मजदूर की मौत पर देखने को मिल रहा आक्रोश - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ शहर में निर्माण कार्यों के दौरान पिछले 8 दिन में यह दूसरी मौत है। इससे पहले दवा व्यापारी विकास राठौर की मौैत सड़क पर फिसलने से हुई थी। जिसके लिए निर्माणाधीन सड़क को जिम्मेदार ठहराया गया। अब रेलवे रोड पर अप्सरा सिनेमा के सामने सीवर लाइन मरम्मत के दौरान मिट्टी धंसने से श्रमिक महेंद्र सिंह की मौत के बाद पूरे शहर में आक्रोश है। इस हादसे के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों में नगर निगम की भूमिका को लेकर आक्रोश है।

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पूर्व विधायक विवेक बंसल ने घटना स्थल और जिला अस्पताल पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 फीट गहरे गड्ढे में काम के बावजूद सुरक्षा के कोई मानक नहीं अपनाए गए। बंसल ने नगर निगम अवर अभियंता की सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।

समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी और पूर्व पार्षद बाबा फरीद आज़ाद ने इसे हत्या करार देते हुए दोषी नगर निगम अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सपा नेताओं ने कहा कि वे इस पूरी घटना की रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सौंपेंगे। वहीं, पूर्व महापौर प्रत्याशी सलमान शाहिद ने भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हुए नगर निगम अधिकारियों की ठेकेदारी प्रथा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि नगर निगम के अधिकारी ठेकेदारी में लिप्त रहते हैं।
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घटना के बाद मुआवजे को लेकर भी मांगें तेज हो गई हैं। कश्यप निषाद सभा के जिलाध्यक्ष हरपाल सिंह कश्यप और सपा नेताओं ने पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है। हरपाल सिंह ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो समाज आंदोलन को बाध्य होगा।

उद्योग जगत का भी फूटा गुस्सा
लघु उद्योग भारती के संयुक्त महामंत्री डॉ. गौरव मित्तल ने कहा कि पूरा शहर उधेड़ कर रख दिया गया है और न ही शहरवासी सुरक्षित हैं, न ही मजदूर। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को बिना एस्कॉर्ट सड़कों पर चलकर सच्चाई देखने की चुनौती दी। मलखान सिंह अस्पताल में जुटे विपक्षी नेताओं नावेद खान, आगा यूनुस, आमिर आबिद आदि और उद्योगपतियों के रोष के बीच मामले की जांच की घोषणा की गई है।

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