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अलीगढ़ : एक माह से सूखे हैं नल, पानी के इंतजाम में छूट रहा काम

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सारसौल बापू धाम कॉलोनी में पानी की समस्या से परेशान महिलाएं प्रदर्शन करती। - फोटो : CITY OFFICE
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वार्ड नंबर एक की बापू धाम कॉलोनी में करीब 30 साल पुरानी जर्जर पाइप लाइन से पानी की आपूर्ति होती है। लीकेज व पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण एक महीने से घरों के नल सूखे पड़े हैं। इलाके के ज्यादातर हैंडपंप खराब हैं। जैसे-तैसे महिलाएं व बुजुर्ग आसपास के मोहल्लों से पानी भरकर लाते हैं। उनका कहना है कि पानी का इंतजाम करने के चक्कर में काम धंधे पर जाने में देर हो जाती है, कई बार तो काम भी नहीं मिलता है। पार्षद व अधिकारी हमारी नहीं सुनते हैं।
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बापू धाम कॉलोनी के लोगों ने बताया कि लगभग तीन माह पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई हुई थी, जिससे पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। कहने के लिए दो बार पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन जब भी नल खोलो बदबूदार पानी आता है। बीते एक माह से पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बंद है। रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को भटकना पड़ता है। क्षेत्र में पानी के टैंकर की भी व्यवस्था नहीं है, जिन घरों में सबमर्सिबल लगा है, वहां से पानी लाते हैं। लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी की बर्बादी होती है। वार्ड के नगला कलार इलाके में दो-तीन साल पहले ही पाइपलाइन पड़ी है।
ये है स्थिति
- वार्ड 1 - बापू धाम कॉलोनी।
- वार्ड की आबादी 12 हजार।
- जलस्तर 200 से 250 फुट।
- वार्ड में कुल 35 सरकारी हैंडपंप। 25 हैंडपंप खराब हैं।
- तीन ट्यूबवेल, जो चालू हालत में है।
- एक पानी की टंकी।
- 30 साल पुरानी पानी की पाइप लाइन से जलापूर्ति। कई जगहों पर लीकेज की समस्या।
- वार्ड का टीडीएस 600 से 800 है। पीने लायक पानी का टीडीएस 150 तक होना चाहिए।
समस्या की जानकारी नहीं
इलाके में दो-तीन साल पहले ही पाइपलाइन पड़ी है। इससे पहले लोग चुंगी के नलों से पानी भरते थे। रोजाना सुबह-शाम भीड़ लगती थी। बापू धाम कॉलोनी में पानी की समस्या की जानकारी नहीं है। जल्द से जल्द समस्या का निदान कराया जाएगा। - योगेश देवी, पार्षद
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वर्जन
कॉलोनी में पिछले दो-तीन महीने से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। पहले पानी साफ आता था। अब एक महीने से तो पानी की आपूर्ति ही बंद है। दूसरे मोहल्लों से पीने का पानी लाने के लिए मजबूर हैं।
- ममता देवी
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इलाके में न टैंकर की व्यवस्था है और न ही कोई सुनने वाला। समझ में नहीं आता किसके पास जाएं। हैंडपंप भी खराब पड़े है। एक महीने से नल सूखे पड़े हैं। कभी-कभी बिना पानी के ही काम चलाना पड़ता है।
शकुंतला
कुछ दिन पहले यहां सड़क की खुदाई हुई थी। उसके बाद से ही पानी की समस्या आ रही है। पानी के चक्कर में लोग काम पर भी नहीं जा पाते। सुबह उठकर सबसे पहले पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है।
जवाहरलाल
साफ पानी की तलाश में लोगों को भटकना पड़ता है। टैंकर की कोई व्यवस्था नहीं है। हैंडपंप भी खराब हैं। मजदूर वर्ग के लोग हैं। देर हो जाती है तो काम भी नहीं मिलता। पार्षद व अधिकारी कोई गरीब की नहीं सुनता है।
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विश्वास चंद्र
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