नौरंगाबाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को आवंटित टीका ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स सोसाइटी में पहुंचाने के पीछे किसका हाथ है। यह अब पुलिस जांच में स्पष्ट होने की उम्मीद है। थाना गांधीपार्क पुलिस ने इस मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
नौरंगाबाद का टीका ग्रेटर नोएडा पहुंचाने का मास्टर माइंड अभी भी रहस्य बना हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग की आधी अधूरी जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ कि राष्ट्रीय महत्व के अभियान को पलीता लगाने वाला कौन है। विभाग ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर गेंद पुलिस के पाले में डाल दी है। अभी बहुत सारे सवाल हैं, जिनके जवाब बहुत जरूरी हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किसके सहयोग से टीका ग्रेटर नोएडा पहुंचा। टीकाकरण के दौरान यहां का कोई स्टाफ वहां था या नहीं। लाभार्थियों का नाम कोविन पोर्टल पर किसके द्वारा एंट्री की गई। नौरंगाबाद यूपीएचसी पर 32 खाली वॉयल कम मिले हैं, क्या वही वॉयल नोएडा गए थे। क्या विभाग के किसी बड़े अधिकारी के निर्देश पर यह सब हुआ है। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि मामला थाने में पहुंच गया है। नौरंगाबाद यूपीएचसी पर एक-दो दिन में नए प्रभारी की तैनाती कर दी जाएगी। टीका प्रकरण में डॉ. आर पिल्लई के स्थानांतरण के बाद प्रभारी का पद खाली है। थाना गांधीपार्क के इंस्पेक्टर हरिभान राठौर ने बताया कि टीका मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अब जो जांच की है, उसका रिकार्ड मांगा गया है।
एटा में भी निहा खान पुलिस पकड़ से दूर
जमालपुर यूपीएचसी की पूर्व एएनएम निहा खान की तलाश में थाना सिविल लाइन की पुलिस एटा में जमी हुई है। हालांकि अभी भी वह पुलिस की पहुंच से दूर है। थाना सिविल लाइन के इंस्पेक्टर रविंद्र दूबे ने बताया कि निहा खान की एटा में तलाश की जा रही है। उल्लेखनीय है कि यूपीएचसी जमालपुर की एएनएम निहा खान भरी हुई 29 कोविड वैक्सीन की सुई कूड़ेदान में फेंकने की दोषी पाई गई थी। उनके खिलाफ थाना सिविल लाइन मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई थी। निहा खान कई दिनों से फरार है। उनकी तलाश में पुलिस कासगंज भी गई थी।