जिले में एक अप्रैल से 87 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद होगी। खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी। दरों में बीते साल की अपेक्षा इस बार सिर्फ 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। जबकि किसान इसमें कम से कम 100 रुपये से अधिक वृद्धि होने की उम्मीद लगा रहे थे। हालांकि इस बार शासन ने अभी तक गेहूं खरीद का लक्ष्य तय नहीं किया है।
किसानों को कराना होगा पंजीकरण
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जिन किसानों का एफसीए.यूपी.जीओवी.इन वेबसाइट पर पंजीकरण होगा, केवल उनका ही गेहूं खरीदा जाएगा। इसमें बिचौलियों का कोई हस्तक्षेप नहीं हो सकेगा। उन्होंने बताया कि किसान जिस खाता नंबर से रजिस्ट्रेशन कराएंगे उसके साथ आधार कार्ड लिंक होगा उसी खाते में सीधे ऑनलाइन भुगतान होगा। उन्होंने बताया कि शासन ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
ई-पॉश मशीन से होगी खरीद
गेहूं खरीद में पारदर्शिता के लिए इस साल भी ई-पॉश मशीनों के माध्यम से बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की व्यवस्था की गई है। खरीद से पहले बाट माप एवं इलेक्ट्रॉनिक कांटों का सत्यापन कराया जाएगा। गेहूं भंडारण गोदामों और सभी क्रय केंद्रों की जियो टैगिंग की जाएगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ के अनुसार अप्रैल-मई में गर्मी व बारिश का मौसम रहने की संभावना को ध्यान में रखते हुए क्रय केंद्रों पर शौचालय, पेयजल, बैठने की व्यवस्था आदि की गई है। केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाली बोरों की व्यवस्था की जाएगी। समय से उठान के लिए हैंडलिंग ठेकेदार को निर्देश किया गया है। कोई भी क्रय केंद्र निजी भवन में नहीं होगा। सभी केंद्रों पर समय से उठान भी किया जाए। किसी भी क्रय केंद्र पर किसानों को समस्या न हो, भंडारण गोदाम हो या क्रय केंद्र, हर जगह गेहूं की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं।