स्थान - विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम स्ट्रॉंग रूम व मतगणना स्थल बनाई गई धनीपुर मंडी। समय - मंगलवार, दोपहर एक बजे। एक प्राइवेट कार में सवार प्रशासनिक अधिकारी मतगणना पांडाल बनाने के लिए चल रहे काम को देखने पहुंचे तो मतगणना स्थल के बैरियर पर मुस्तैद सिविल पुलिस के जवानों ने कार रोक लिया। बोले अरे! बिना अनुमति कहां जा रहे हो ? अधिकारी ने अपना परिचय दिया तब कार को अंदर जाने दिया गया। डीएम, एसएसपी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को भी स्ट्रांग रूम तक भ्रमण करने जाने पर अपना पूरा ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज करना होता है।
इसी बीच ईवीएम की निगरानी में लगे एक सपा कार्यकर्ता को अनुमति पत्र दिखाने और तलाशी देने के बाद ही सपा के शिविर तक जाने दिया गया। बिना तलाशी व वैध अनुमति पत्र के बिना किसी को प्रवेश नहीं मिल रहा है। पहले चरण में मतदान होने के बाद से ईवीएम की सुरक्षा में धनीपुर मंडी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के साथ मजिस्ट्रेट भी तैनात हैं। मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थित बैरियर पर तैनात सुरक्षाकर्मी बिना तलाशी व जांच-पड़ताल के किसी को भी अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहे हैं। मंडी परिसर के अंदर विधानसभावार स्ट्रांग रूम के बाहर सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं। जगह-जगह सुरक्षा बलों की चौकियां हैं। स्ट्रांग रूम बनी दुकानों की छतों पर भी अर्द्धसैनिक बलों के जवान पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी दे रहे हैं। 100 से अधिक अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात हैं। हर 2 घंटे में ड्यूटी बदल रही है। दो दमकल की गाड़ियों भी मौजूद हैं। 73 सीसीटीवी कैमरों के जरिए स्ट्रांग रूम से लेकर पूरे परिसर, आने-जाने वाले मार्ग व बैरियर की निगहबानी हो रही है।
ईवीएम सुरक्षा पर पार्टियां व प्रत्याशी चिंतित, निगाह रख रहे कार्यकर्ता
स्ट्रांग रूम में रखी ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका सभी पार्टियों व प्रत्याशियों को सता रही है। उन्हें ईवीएम में छेड़छाड़ किए जाने की आशंका है। यही वजह है कि पुलिस-प्रशासन की तगड़ी सुरक्षा के बावजूद पार्टी और प्रत्याशियों की ओर से ईवीएम पर नजर रखने के लिए भरोसेमंद कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। शनिवार की रात को मंडी परिसर की बिजली की बार-बार ट्रिपिंग होने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने शिकायत की जिस पर तत्काल जेनरेटर की व्यवस्था की गई है। धनीपुर मंडी में सपा के जिला सचिव मनीष शर्मा, राजेश माहौर, शहजाद अल्वी, शादाब जैदी, मोहम्मद तारिक समेत 12 कार्यकर्ताओं की निगरानी समिति सक्रिय है। कंट्रोल रूम से करीब 200 मीटर पर आवंटित शिविर से ईवीएम की निगरानी की जा रही है। पार्टी जिलाध्यक्ष गिरीश यादव भी जायजा लेने पहुंच रहे हैं। जिला सचिव मनीष शर्मा ने बताया कि लखनऊ में ईवीएम स्ट्रॉंग रूम पर संदिग्ध कार के पकड़े जाने को लेकर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश भर की सभी निगरानी समितियों को सर्तक रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं बसपा के कैंप से निगरानी करने का जिम्मा सेक्टर अध्यक्ष बादशाह चौधरी, गोपी चंद्र बौद्ध आदि संभाले हैं। जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह व प्रत्याशी भी जायजा लेने पहुंच रहे हैं।
चुनाव में विरोधी, निगरानी शिविर में दोस्ताना संबंध
चुनाव के दौरान भले ही सपा व बसपा के कार्यकर्ता एक-दूसरे के विरोधी बने रहे लेकिन ईवीएम की निगरानी में डटे इन पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच दोस्ताना संबंध हैं। चुनावी आंकड़ों को लेकर वे आपस में खूब चर्चा व बहस कर रहे हैं। चाय, नाश्ता व खाना भी साथ-साथ खा रहे हैं।