रेमडेसिविर इंजेक्शन एवं ऑक्सीजन के अनुमति पत्र देने में टाल-मटोल को लेकर लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा के दो विधायकों की मौजूदगी में सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशाक ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। सीएमओ मूकदर्शक बने रहे। महिलाओं की मौजूदगी में कुछ लोगों ने गाली-गलौज और अभद्रता की।
ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर जनपद में हाय-तौबा मची है। भले ही अधिकारी कमी की बात नहीं स्वीकार रहे हैं लेकिन जरूरतमंद लोग ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशाक की मां की तबियत खराब चल रही है। उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है।
शुक्रवार को ऑक्सीजन के लिए वह सीएमओ ऑफिस गए थे। इंजेक्शन के लिए वहां काफी संख्या में लोग पहले से ही मौजूद थे और अधिकारियों के टाल-मटोल से आक्रोशित थे। इसमें कुछ महिलाएं भी थीं, जिनके बच्चे और परिजन अस्पताल में भर्ती हैं। उसी समय वहां पर शहर विधायक संजीव राजा एवं कोल विधायक अनिल पाराशर पहुंच गए।
विधायकों की मौजूदगी में सीएमओ ऑफिस में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान दूरी एवं मास्क का भी लोगों ने ध्यान नहीं रखा। भीड़ में शामिल एक आदमी गाली-गलौज कर रहा था। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी अपनी कुर्सी से उठकर धीरे से बगल के सभागार में चले गए। विधायक भी वहीं चले गए। हंगामे के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी सहम गए हैं। सीएमओ का फोन नहीं उठ रहा है।
जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। लोगों में गुस्सा है कि इंजेक्शन की पूरी डोज नहीं मिल रही है। अस्पताल से लिखवा कर लाने पर अधिकारी उल्टा सीधा समझा रहे हैं। जनपद में ऑक्सीजन एवं इंजेक्शन की भारी कमी है।
- अज्जू इशाक, पूर्व महानगर अध्यक्ष सपा
- मैं जब पहुंचा, उस समय सीएमओ ऑफिस में कुछ लोग थे। इंजेक्शन नहीं मिलने से आक्रोशित थे। ज्यादा गुस्सा ड्रग इंस्पेक्टर के खिलाफ था। वह गाजियाबाद गए हुए हैं। ऑफिस में सामान्य लोग थे और उनका गुस्सा जायज था।
- संजीव राजा, विधायक
- बेकाबू भीड़ का रूप देखकर ऑफिस के लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कार्यालय में सुरक्षा जरूरी हो गई है। यहां पर सुरक्षा का इंतजाम करने के लिए एसएसपी को पत्र लिखने पर विचार किया जा रहा है। सीएमओ अभी एक अस्पताल में गए हैं। उनके आने के बाद इस पर अंतिम रूप से निर्णय लिया जाएगा।
- रोहित सक्सेना, जिला प्रशासनिक अधिकारी, सीएमओ ऑफिस
- सीएमओ कार्यालय पर हंगामा दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन अच्छा काम कर रहा है। उसके कार्य में बाधा डालना उचित नहीं है। जनपद में ऑक्सीजन एवं रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी नहीं होने दी जाएगी। प्राइवेट चिकित्सकों से आग्रह है कि बहुत ज्यादा जरूरत हो तब ही रेमडेसिविर इंजेक्शन लिखें।
- सतीश गौतम, सांसद