रामघाट कल्याण मार्ग पर शव रखकर विलाप करते परिजन
- फोटो : samvad
क्षेत्र के गांव जिरौली धूमसिंह में 20 दिन पहले पीटने से घायल हुए भूपेंद्र लोधी (22) की दिल्ली के एम्स में उपचार के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। रविवार शव गांव में पहुंचा तो लोगों ने रामघाट रोड पर उत्तम इंटर कॉलेज के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे लगे जाम के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
गांव के देवी सिंह ने बताया कि भूपेंद्र उनका इकलौता बेटा था, उसी की मजदूरी के सहारे घर चलता था। 21 सितंबर को गांव के ही चंद्रवीर उर्फ चूरामन, शिवकुमार व कन्हैया उसे राघव खाद भंडार पर ट्रक से खाद की बोरी उतारकर गोदाम में रखने के लिए मजदूरी पर बुलाकर ले गए थे। आरोप है, वहां तीनों ने गोदाम के अंदर भूपेंद्र को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। गंभीर चोटें आने पर परिजनों ने दिल्ली के एम्स में भर्ती किया गया था। जहां उपचार के दौरान शुक्रवार को भूपेंद्र की मौत हो गई। रविवार को शव चार बजे गांव में पहुंचा तो लोगों ने जाम लगा दिया और हंगामा करने लगे। लोगों का आरोप यह भी था कि पुलिस ने तहरीर के अनुसार रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सीओ राजीव द्विवेदी, कोतवाल सत्यवीर सिंह, भाजपा नेता मनोज प्रमुख ने लोगों को समझाकर शांत किया और शाम करीब सात बजे जाम खुलवाया। इस दौरान रामघाट रोड पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
- मृतक के पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। प्रकरण की पुलिस जांच कर रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।- राजीव द्विवेदी, सीओ