दुबई के पाम जुमैराह शहर में रह रहीं अलीगढ़ की साइमा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह जुहर (दोपहर की नमाज) की नमाज अदा करने के बाद आराम कर रही थीं। तभी अचानक तेज धमाके की आवाज से उनकी आंखें खुल गईं।
दुबई में ईरान के मिसाइल हमले की घटना के बाद वहां रह रहे लोगों में डर का माहौल है। दुबई के पाम जुमैराह शहर में रह रहीं अलीगढ़ की साइमा तेज धमाके की आवाज सुनकर डर गईं। जोरदार धमाके से उनकी आंखें खुल गईं।
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उन्हें लगा कि आसपास मानो कोई बम फट गया हो। वह जहां रह रही हैं, उससे करीब आठ-दस किमी दूर मिसाइल गिरा है। साइमा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह जुहर (दोपहर की नमाज) की नमाज अदा करने के बाद आराम कर रही थीं। तभी अचानक तेज धमाके की आवाज से उनकी आंखें खुल गईं।
घबराकर उन्होंने तुरंत जानकारी जुटाई, तब पता चला कि मिसाइल गिरा है। उन्होंने कहा कि दुबई समयानुसार शाम 4:40 बजे (भारतीय समय 6:10 बजे) पहला मिसाइल गिरा। इसके बाद शाम 6:40 बजे (भारतीय समय 8:10 बजे) दूसरा और शाम 7:30 बजे (भारतीय समय 9 बजे) तीसरा मिसाइल गिरी।
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घटना की सूचना मिलते ही अलीगढ़ के दोदपुर में रह रहे उनके परिजन चिंतित हो गए। साइमा के भाई सलमान शाहिद ने बताया कि परिवार लगातार उनके संपर्क में है और हालात सामान्य होने की दुआ कर रहा है। लगातार धमाकों की आवाज से लोग सहमे हुए हैं। परिजनों और परिचितों की नजरें अब हालात के जल्द सामान्य होने पर टिकी हैं।
घर के पास गिरा मिसाइल, घर में घुसने से रोका
ईरान द्वारा बहरीन के आर्मी बेस पर मिसाइल हमले के बाद वहां दहशत का माहौल बन गया है। बहरीन में रह रहे अलीगढ़ के लाल डिग्गी निवासी इंजीनियर असद खान ने बताया कि उनके घर के पास मिसाइल गिरा। इसके बाद इलाके में नाकेबंदी कर दी गई। उन्हें घर में नहीं जाने दिया जा रहा है।
इंजीनियर असद खान के अनुसार मिसाइल गिरने की खबर फैलते ही लोगों में भय बढ़ गया। सुरक्षा को लेकर लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं, जिससे सामान्य दिनों में व्यस्त रहने वाली सड़कें खाली दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि हालात पहले की तुलना में ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।
अलीगढ़ में रह रहे उनके दोस्त खुसरो खान ने फोन पर बातचीत कर वहां के हालात की जानकारी ली। बातचीत के दौरान असद खान ने बताया कि लोग लगातार खबरों पर नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षित रहने की कोशिश कर रहे हैं। घटना के बाद परिजन और परिचित भी चिंतित हैं। लगातार बने तनाव और अनिश्चितता के कारण वहां रहने वाले भारतीयों में भी बेचैनी बढ़ गई है।