हादसे में जान गंवाने वाला आलोक दयाल इकलौता पुत्र था। परिवार में उसकी एक बहन है। आलोक के पिता सोनी दयाल ने बताया कि बेटे की शादी नहीं हुई थी। वह एटा चुंगी स्थित चित्रगुप्त अस्पताल में ओटी इंचार्ज के तौर पर काम करता था। दोस्तों के कहने पर उनके साथ मथुरा आ गया था।
दो साल पहले हुई थी आकाश की शादी
आकाश की शादी दो साल पहले ही प्रियंका से हुई थी। वह मजदूर परिवार से था और हादसे के समय कार चला रहा था। बताया जा रहा है कि आकाश पहले ड्राइवर था। कुछ समय से ताला फैक्टरी में काम करने लगा था। दो भाइयों में दूसरे नंबर के आकाश की मौत पर परिवार में मातम पसर गया। मां विमलेश देवी, भाई विष्णु गौतम और पिता देव प्रकाश तोमर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
टूट गया बेटे की शादी का ख्वाब
निशित बंसल के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में मां बीना और दो भाई हैं। चचेरा भाई शरद बंसल उप्र कांग्रेस के आउटरीच सेल के चेयरमैन हैं। निशित की उम्र 27 साल है। वह अपने भाइयों के साथ ढाबे का काम संभालता था। परिवार वाले उसके लिए रिश्ता तलाश रहे थे, लेकिन हादसे ने उसके सिर पर सेहरा सजाने का सपना पल भर में तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक अजीत के शव का पोस्टमार्टम परिवार वालों के आने पर होगा। शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। हालांकि हादसे की सूचना पर ट्रक चालक के कुछ साथी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे। अन्य मृतकों के परिवार वाले भी वहीं थे, इस दौरान माहौल गमगीन था। अपने युवा बच्चों के शवों को देख परिवार वाले बिलख उठे। पोस्टमार्टम हाउस चीत्कार से गूंज उठा।
तो क्या शराब पीकर चला रहे थे कार...
पुलिस को कार से शराब की बोतल बरामद हुई है। इधर, परिवारीजनों ने बताया कि वे सभी लोग शुक्रवार रात नौ बजे अलीगढ़ से मथुरा के लिए चले थे। ऐसे में पुलिस अंदाजा लगा रही है कि रात नौ बजे के बाद इन लोगों ने कहीं शराब खरीदी और उसका सेवन किया, जिससे इनको समय लगा। पोस्टमार्टम के दौरान मृतकों के शरीर में शराब की मात्रा पाई गई है।
हाईवे पर सड़क किनारे खड़े ट्रक वाहन चालकों के लिए यमदूत साबित हो रहे हैं। यह पहला हादसा नहीं है, जब कोई वाहन सड़क किनारे खड़े किसी दूसरे वाहन में घुसा हो और लोगों की जान गई हो। इससे पहले भी ऐसे अनगिनत हादसे हुए हैं। इसके बाद भी पुलिस और हाईवे की पेट्रोलिंग टीम सतर्क नहीं हो रही है। हाईवे किनारे ढाबों के पास सड़क किनारे बड़े वाहन एक कतार में खड़े हो जाते हैं। इससे मार्ग की एक लेन पूरी तरह से घिर जाती है। ढाबा संचालकों की इसमें पुलिस व पेट्रोलिंग टीम से मिलीभगत रहती है।
मौत से जूझ रहे जीजा-साले
विशाल वर्मा और उसका साला कमल वर्मा गंभीर घायल हैं, दोनों अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। उनके परिवार वाले सुबह ही अस्पताल पहुंच गए। घायलों की हालत देख वे सिसक उठे। विशाल वर्मा अलीगढ़ से ही कार में सवार हुआ था। रास्ते में इगलास से उसने अपने साले कमल वर्मा को साथ ले लिया था।
मान लेते बात तो बच जाती तान
आलोक के परिवार वालों ने बताया कि उनका बेटा कोकिलावन जाने के लिए मना कर रहा था, लेकिन अन्य दोस्तों ने उसकी बात नहीं मानी। दोस्तों की जिद पर वह भी उनके साथ निकल पड़ा। काश उसके दोस्त बात मान लेते तो उसकी जान न जाती।