चाचा-भतीजे बाइक पर घर से निकले। रास्ते में अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर घायल हो गए। दोनों सड़क किनारे पड़े रहे, कोई देखने वाला नहीं था। घर वाले फोन मिलाते रहे, पर फोन नहीं उठा। दोनों की मौत हो गई। दोनों के शव वहीं पर रात भर पड़े रहे।
अलीगढ़ के पालीमुकीमपुर थाना अंतर्गत गांव तोछी के निकट अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार चाचा-भतीजे की मौत हो गई। रात भर उनके शव अतरौली आलमपुर रोड के किनारे पड़े रहे। पुलिस ने सुबह जानकारी होने पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे।
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कुंवरपुर निवासी हरी सिंह की बेटी ममता गांव राजमार्गपुर में ब्याही हैं। वहां किसी झगड़े की सूचना पर हरि सिंह का 25 वर्षीय बेटा अशोक कुमार अपने परिवार के ही रिश्ते के 26 वर्षीय चाचा जयप्रकाश उर्फ भोला पुत्र चंद्रपाल सिंह सूर्यवंशी पूर्व प्रधान के साथ बाइक से राजमार्गपुर जा रहे थे। रात करीब नौ बजे गांव तोछी के भट्टा और आईटीआई कॉलेज के बीच अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इससे दोनों की मौत हो गई।
रात भर शव के पास बजते रहे फोन
जयप्रकाश और अशोक रात करीब नौ बजे के आसपास राजमार्गपुर जाने की कहकर घर से निकले थे। घर से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर उनका एक्सीडेंट हो गया। परिजनों ने राजमार्गपुर में ममता को फोन करके पूछा तो उसने बताया कि चाचा और भाई अभी यहां नहीं पहुंच सके हैं। परिजनों ने अशोक और जयप्रकाश के नंबरों पर फोन किए लेकिन घंटी बजती रही, लेकिन उनके फोन नहीं उठे। रात दो बजे तक जब फोन की बैटरी खत्म हो गईं तो फोन स्वत स्विच ऑफ हो गए। इससे परिजनों को दोनों के साथ अनहोनी की आशंका भी हुई। दोनों रातभर सड़क के किनारे पड़े रहे, वहीं उनकी बाइक पड़ी थी।
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रात को न तो परिजन और न ही पुलिस वहां पहुंची। राहगीरों को भी दोनों लोग पड़े नहीं दिखे। सुबह करीब छह बजे गांव कुंवरपुर के कैलाश कुमार सब्जी लेकर अतरौली से अपने गांव लौट रहे थे, तभी उनकी नजर दोनों शवों पर पड़ी। उन्होंने दोनों युवकों को पहचान लिया। उन्होंने उनके परिजनों और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और ग्रामीणों के साथ परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। खून से लथपथ शवों को देखकर ऐसा लग रहा था दोनों के चेहरों को किसी जंगली जानवर द्वारा बिगाड़ दिया गया हो। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पूर्व प्रधान चंद्रपाल सिंह ने इस बाबत तहरीर पुलिस को दी है।