नये साल पर पहले ही दिन अश्विनी नक्षत्र, शिव अमृत और सर्वार्थ सिद्धि का योग बन रहा है।इस साल में दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। जिनमें से सिर्फ एक ग्रहण भारत में दिखाई देगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को पड़ेगा।
नये साल पर पहले ही दिन अश्विनी नक्षत्र, शिव अमृत और सर्वार्थ सिद्धि का योग बन रहा है। साल में दो-दो सूर्यग्रहण एवं चंद्रग्रहण पड़ेंगे। सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के अनुसार साल का पहला दिन अश्वनी नक्षत्र से शुरू हो रहा है। अश्वनी नक्षत्र का स्वामी केतु ग्रह को माना जाता है।
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रविवार को शुरू और रविवार को ही खत्म होगी साल
अबकी बार एक विशेष संयोग है कि साल 2023 की शुरुआत रविवार से होगी और आखिरी दिन भी रविवार ही होगा। सूर्य इसके देवता हैं। सूर्य के प्रभाव से देश एवं समाज में मान- सम्मान, ख्याति, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। इस साल सूर्य की पूजा करने वालों को विशेष लाभ होगा। इस वर्ष न्याय के देवता शनिदेव 17 जनवरी को मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और ढाई वर्ष का समय गुजारेंगे। नवसंबत विक्रमी संवत 2080 जिसे हिंदू नव वर्ष भी कहते हैं।
इसका राजा व्यापारी वर्ण का देवता युवराज बुध ग्रह है और मंत्री दैत्य गुरु शुक्राचार्य शुक्र है। इस वर्ष व्यापारियों के रोजगार, धंधे में खूब तेजी रहेगी। बाजार में तेल, घी, खाद्य पदार्थ, पेट्रोल- डीजल, रसोई गैस, सब्जियों, लकड़ी, लोहा, स्टील, जस्ता, तांबा और दालों की कीमतों में तेजी आने की संभावना है। 21 अप्रैल को देव गुरु, बृहस्पति, मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। जिसके फलस्वरूप देश में शिक्षा का स्तर सुधरेगा।
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होंगे दो-दो सूर्यग्रहण एवं चंद्रग्रहण
इस साल दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। जिनमें से सिर्फ एक ग्रहण भारत में दिखाई देगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को पड़ेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके बाद दूसरा ग्रहण सूर्य ग्रहण 14 अक्तूबर को पड़ेगा । यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा। पहला चंद्र ग्रहण पांच मई को पड़ेगा। अंतिम चंद्रग्रहण 28 अक्तूबर शरद पूर्णिमा वाले दिन पड़ेगा।