नए साल में शादी विवाह और विशेष मांगलिक कार्योँ के लिए 59 दिनों के मुर्हूत निकल रहे हैं। भारतीय सनातन धर्म एवं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह आदि शुभ कार्यों के लिए शुक्र का उदय होना जरूरी है। ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के अनुसार 20 नवंबर 2022 से शुक्र उदय हो गए हैं और मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं।
विवाह आदि शुभ कार्यों के लिए पंचांग के अनुसार कुल 59 शुभ मुहूर्त हैं। इनमें 8 शुभ मुहूर्त जनवरी माह में, फरवरी में 11, मार्च में 1, मई में 14, जून में 11, नवंबर में 4 और दिसंबर माह में 5 मुहूर्त हैं। इनके अलावा 5 अनसूझे मुहूर्त हैं। इसमें विवाह करना शुभ एवं कल्याणकारी रहेगा।
जनवरी से दिसंबर तक यह हैं शुभ मुहूर्त
पंचांग निर्णय सागर चंडू, ब्रजभूमि और राजधानी के अनुसार
जनवरी- 15, 16, 18, 19, 25, 27, 30, 31
फरवरी-1, 6, 7, 8, 9, 10, 15, 16, 17, 22, 26
मार्च- 9
अप्रैल- कोई नहीं
मई- 3, 4, 7, 9, 10, 11, 12, 17, 21, 26, 27, 28, 29, 30
जून- 3, 5, 6, 7, 8, 11, 12, 22, 23, 25, 28
जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर- कोई मुहूर्त नहीं
नवंबर- 24, 27, 28, 29
दिसंबर- 3, 4, 7, 8, 9
अनसूझे और अनबूझे - 26 जनवरी बसंत पंचमी, 21 फरवरी फुलेरा दौज, 22 अप्रैल अक्षय तृतीया, 27 जून भड़री नौवीं, 23 नवंबर देवठान एकादशी
ऐसा माना जाता है कि अशुभ मुहूर्त में किए गए विवाह का नव दंपत्ती पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए शादी-विवाह शुभ मुहूर्त में ही किया जाना जरूरी है। प्रत्येक वर्ष में कुल पांच स्वयं सिद्ध मुहूर्त होते हैं। इनमें फुलेरा दौज, देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी, विजया दशमी और अक्षय तृतीया शामिल है। इन पांच दिनों में मुहूर्त न होते हुए भी शुभ कार्य व विवाह आदि किए जा सकते हैं। यह दिवस अपने आप में ही सिद्ध मुहूर्त हैं।