ढाई लाख रूपए वापस एकाउंट में लौटे
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एक बिजली उपभोक्ता से बिजली का कनेक्शन काटने की कहकर बिल अपडेट कराने के लिए क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड कराया गया, जिससे उपभोक्ता के बैंक खाते से ढाई लाख रुपये कट गए। मामला साइबर सेल पहुंचा, तो दस दिन के अंदर खाते से कटा हुआ पूरा ढाई लाख उपभोक्ता के खाते में वापस आ गया।
एप कराया डाउनलोड और उड़ गए ढाई लाख
अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन के आलम बाग निवासी मोहम्मद सैफुद्दीन पुत्र अब्दुल रहमान खान ने साइबर सेल में दिए ऑनलाइन शिकायती प्रार्थना पत्र में बताया कि 17 जनवरी को बिजली का कनेक्शन काटने की कहकर बिल अपडेट कराने के लिए क्विक सपोर्ट ऐप डाउनलोड कराया गया। जिसके बाद बैंक खाते से 250000 रुपये कट गए। जिससे पीड़ित परेशान हो गया और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
ऐसे वापस आए पूरे रुपये
साइबर सेल की टीम ने शिकायतकर्ता से घटना के सम्बध में जानकारी लेकर सम्बधित पेमेन्ट गेटवे, मर्चेन्ट वे से सम्पर्क किया। फ्रॉड की गयी धनराशि को वहीं रूकवाया गया और शिकायतकर्ता की सम्पूर्ण धनराशि 250000 रुपये शिकायतकर्ता के खाते में वापस आ गया।
साइबर ठगी से बचने के तरीके
- टेलीफोन कॉल पर एटीएम/बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी नंबर आदि कभी भी किसी से साझा न करें।
- एटीएम बूथ में ट्रांजेक्शन करने जाएं तो इस बात को सुनिश्चित कर लें, एटीएम बूथ में कोई अंजान व्यक्ति मौजूद न हो।
- ट्रांजेक्शन के समय अपने पिन नंबर को छिपा कर अंकित करें। प्रक्त्रिस्या पूरी होने पर ही बूथ को छोड़ें।
- सभी अकाउंट के लिए एक पासवर्ड न रखें।
- पासवर्ड में विशेष अक्षर, गिनती होनी चाहिए।
- जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर किसी को शेयर न करें।
- बार-बार पासवर्ड बदलते रहना चाहिए।
- अनजान व्यक्ति को सरकारी योजना के लिए आधार व खाते का नंबर न दें।
- कोई क्यूआर कोड या पेमेंट लिंक भेजता है, तो उसकी जांच किए बगैर भुगतान न करें।
- ओएलएक्स के माध्यम से चीजों को बेचने या खरीदने के लिए क्यूआर कोड या लिंक को सत्यापन के बिना शेयर न करें।
- फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आती है तो बिना सत्यापन के स्वीकार न करें।
- किसी भी एप्लीकेशन को इंस्टाल करते समय उसकी नीति के बारे में जानकारी कर लें।
- एनी डेस्क या टीम व्यूवर, क्विक सपोर्ट आदि के एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचना चाहिए।