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अलीगढ़ : रामघाट रोड पर सफर नहीं आसान, सुबह और शाम लगता जाम

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क्वार्सी चौराहे पर दोपहर दो बजे लगा जाम। - फोटो : CITY OFFICE
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात को लेकर बेहद तल्ख निर्देश जारी किए हैं। इसके बावजूद यातायात व्यवस्था में सुधार और अतिक्रमण हटाने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। इसी कवायद के बीच आज हम बात कर रहे हैं शहर के रामघाट रोड की बदहाल यातायात व्यवस्था की। क्वार्सी चौराहे से दुबे का पड़ाव चौराहे के इस तीन किमी लंबे मार्ग को रात में सात से 10 मिनट में तय किया जा सकता है, मगर दिन में इसी मार्ग का सफर बाधाओं को पार करते हुए 45 मिनट से एक घंटे में पूरा हो पा रहा है। ऐसे में इस मार्ग के जाम और अव्यवस्थित यातायात का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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कहने के लिए इस मार्ग पर तीन ट्रैफिक लाइट भी हैं, मगर अव्यवस्थित यातायात व ट्रैफिक सिग्नल में गड़बड़ी जाम को और बढ़ावा देती हैं। खास बात यह है कि इस रोड पर सबसे अधिक नर्सिंग होम व अस्पतालों के अलावा कई बड़े स्कूल व कॉलेज भी हैं। इससे रामघाट रोड पर हर वक्त ट्रैफिक का जोर बना रहता है । जाम में मरीजों को लेकर दौड़ने वाली एंबुलेंस भी फंसी रहती हैं। इसके बाद भी यहां दिन-रात रहने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए संबंधित जिम्मेदार सुधार की दिशा में ठोस प्रयास नहीं कर पा रहे। गनीमत है कि स्कूलों में छुट्टी चल रही हैं। वरना एक सप्ताह पहले तक यातायात की स्थिति यह थी कि 12 बजे की छुट्टी के बाद बच्चा ढाई-तीन बजे तक घर पहुंच रहा था।
तीन दिन पहले हटा अतिक्रमण, फुटपाथ पर हालात ज्यों के त्यों
मीनाक्षी पुल से नीचे आते ही सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण की भरमार है। कुछ दुकानदारों द्वारा सामान फुटपाथ पर रख देने से तो कुछ सड़क पर खड़े रहने वाले बेतरतीब वाहनों और ठेल, ढकेल लगे रहने से जाम लगा रहता है। टीकाराम डिग्री कॉलेज के सामने भी दिन भर जाम लगा रहता है। सेंटर प्वाइंट तिराहे, गांधी आई हॉस्पिटल, अतरौली अड्डा, जनकपुरी, निरंजनपुरी के बाद किशनपुर तिराहे पर हर वक्त जाम के हालात बने रहते हैं। कहने को तीन दिन पहले यहां से अतिक्रमण हटाया गया है, मगर हालात ज्यों का त्यों है।
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लाल व हरी बत्ती में उलझ रहे वाहन
रामघाट रोड पर दुबे का पड़ाव से लेकर क्वार्सी चौराहे तक लगे ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग सेट नहीं है। लाल बत्ती का अधिक व हरी बत्ती का समय कम है। इतने समय में जेब्रा लाइन पर खड़े रहने वाले वाहनों का निकलना संभव नहीं है। ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों की लंबी कतार लग जाने से यहां जाम लग जाता है ।
जाम का स्थायी हल जरूरी
- चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल तो लग गए हैं, मगर लाल व हरी बत्ती का समय गड़बड़ होने के कारण यातायात व्यवस्था सुधरने की बजाय और बिगड़ रही है। ट्रैफिक लाइट के बावजूद जाम, इसी ओर इशारा करता है। - डॉ. ललित उपाध्याय, राहगीर।
- शहर में जाम अब लाइलाज हो चुका है। वाहनों का चालान व जुर्माना वसूलने के अलावा यातायात पुलिस कुछ भी नहीं कर रही है। इसका स्थायी इलाज बेहद जरूरी है। - राजीव गुप्ता, मीनाक्षी पुल
- रामघाट रोड जैसे व्यस्ततम मार्ग पर यातायात नियंत्रण करने का कोई उपाय नहीं है। ट्रैफिक लाइटें लगी हैं। योजनाएं भी बनती हैं। मगर इन योजनाओं को तभी सफल माना जाए, जब जाम न लगे। - निखिल कुमार, अतरौली अड्डा
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- लाल व हरी बत्ती की टाइमिंग सही नहीं है। इससे हर वक्त जाम की समस्या बढ़ गई है। रामघाट रोड ही नहीं, शहर के हर चौराहे पर वाहनों की कतारें लगी रहती हैं । - मुस्कान अग्रवाल, राहगीर
एक्सपर्ट की राय -
डिवाइडर हैं तो वनवे हर हाल में लागू हो
रोड सेफ्टी संगठन ट्रैक्स से जुड़े यातायात व रोड सेफ्टी सलाहकार अरुण श्रीवास्तव सबसे पहले तो हर आम शहरी को जाम के लिए जिम्मेदार मानते हैं। वे कहते हैं कि जब हम ही नियमों का पालन नहीं करेंगे तो दूसरों से क्या उम्मीद रखें। नो पार्किंग में वाहन खड़े करना, लाइट का पालन न करना आदि समस्या है। दूसरा रामघाट रोड पर ट्रैफिक सिग्नल टाइमिंग, सड़क किनारे लगे खंभे, सड़क पटरी पर वेंडर्स, अतिक्रमण, सड़क में मेनहोल के गड्ढों में सुधार जरूरी है। इस रोड पर क्वार्सी चौराहे से मीनाक्षी पुल की ओर टिर्री-ऑटो का प्रतिबंध जरूरी है। सड़क पर 15-16 जगह विचरण करते आवारा जानवर, स्पीड लिमिट 25 किमी होना जरूरी है। डिवाइडर हैं तो वनवे हर हाल में लागू हो।
ओएलएफ के सामने होगी पार्किंग व्यवस्था
- अतिक्रमण लगातार हटाया जा रहा है। कुछ नए वेंडिंग व पार्किंग जोन भी रामघाट रोड पर प्रस्तावित हैं। नर्सिंग होम, मॉल संचालकों पर पार्किंग व्यवस्था के लिए जोर दिया जा रहा है अन्यथा उन पर कार्रवाई होगी। छुट्टी के समय ओएलएफ सहित अन्य स्कूलों में बच्चों को अंदर ही स्कूली वाहनों में बैठाने का प्रयास कराया जाएगा, जिससे बाहर सड़क पर वाहन न खड़े हों। फिलहाल, ओएलएफ के सामने एडीए की जमीन पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, क्वार्सी से आगे डिवाइडर बनना तय हो गया है। क्वार्सी पर फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा रहा है। क्वार्सी से दुबे का पड़ाव तक साइनेज बोर्ड, रंबल स्ट्रिप आदि पर काम कराया जा रहा है।
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- मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी यातायात।
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