कोल क्षेत्र के भाजपा विधायक अनिल पाराशर द्वारा दिए गए 13 गांवों को नगर निगम सीमा में शामिल करने के प्रस्ताव पर सपा ने पलटवार किया है। सपा के वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को मंडलायुक्त गौरव दयाल से मिला और संयुक्त सचिव नगर विकास को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि शहर से दूर गांवों को तो शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है, जबकि शहर से सटे आबादी विशेष के गांवों का ध्यान नहीं दिया गया। सपा नेताओं ने भाजपा विधायक के प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित बताया है।
मंडलायुक्त को 12 गांवों की सूची सौंपते हुए सपा नेताओं ने नगर सीमा से सटे पटवारी का नगला, बिस्मिल्लाह कॉलोनी, रियाज कॉलोनी, वहीद नगर, सपना कॉलोनी, फोर्ट एन्क्लेव, फतेहनगर, अलीनगर, नई आबादी चिलकौरा, उदला इलियास पुर, अल्हदादपुर नीवरी, तालसपुर खुर्द को नगर निगम सीमा में शामिल कराने की मांग रखी है। इस पर मंडलायुक्त ने उन्हें भरोसा दिलाया है। इस मौके पर पूर्व विधायक जफर आलम, पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, निवर्तमान महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी, निवर्तमान महासचिव मनोज यादव, मुकेश माहेश्वरी, बादशाह खान, रंजीत चौधरी, आमिर ईलू, इसरार सोलंकी, अर्जुन सिंह भोलू, अजय चौधरी, रजनीश यादव, शाकिर खान, असलम नूर, एमए खान गांधी, सलामुद्दीन, आसिफ अल्वी, अब्दुल कदीर, तरुण वाल्मीकि, साबिर मालिक , मुन्ना मालिक आदि मौजूद रहे।
- नगर निगम चुनाव से पहले एक राजनीतिक सोच के तहत सुदूर के गांवों को शहर सीमा में शामिल कराने का प्रयास हो रहा है, जबकि आबादी विशेष के शहर से सटे गांव विकास से दूर रखे जा रहे हैं। - मनोज यादव, निवर्तमान महासचिव सपा।
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- यह सब राजनीतिक सोच के तहत किया जा रहा है। जब चुनाव 2017 के परिसीमन से होना तय है। ऐसे में इन गांवों को शामिल कराने का औचित्य सभी समझ सकते हैं। आबादी विशेष के शहर से लगे गांव क्यों नहीं, इन्हें भी शामिल कराया जाना चाहिए।-अज्जू इशहाक, पूर्व महानगर अध्यक्ष।