मडराक की आसना गोशाला में पुलिस द्वारा जब्त कर दिए गए पशुओं के गायब होने के मामले में एसएसपी के निर्देश पर सीओ द्वारा जांच रिपोर्ट तैयार कर अदालत में भेज दी गई है। इस जांच रिपोर्ट का अभी खुलना बाकी है। मगर इतना जरूर है कि गोशाला संचालन में बहुत कुछ गड़बड़ है और थाना पुलिस की भूमिका पर भी संदेह है। अब अदालत में इस 14 पन्नों की रिपोर्ट पर फैसला लिया जाएगा। वहीं एसएसपी स्तर से भी इस जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया जा सकता है।
वाकये के अनुसार पिछले पखवाड़े आसना की गोशाला का यह प्रकरण सुर्खियों में आया था, जिसमें अदालत में अर्जी देकर कहा गया कि मूल रूप से सिकंदराराऊ हाल भुजपुरा निवासी पशु व्यापारी शानू के पशु पुलिस ने जब्त कर गोशाला को दिए। मामले में शानू व उसके वाहन की अदालत से जमानत हो गई। मगर न्यायालय के आदेश के बाद भी पशुओं को गोशाला से नहीं छोड़ा गया। मामले में अदालत ने यहां तक आदेश दिए कि पशुओं को रखने का हर्जाना शानू द्वारा दिया जाए। बावजूद इसके पशु नहीं दिए गए। इस पर अदालत ने सख्ती दिखाते हुए कोतवाल मडराक को तलब किया तो आनन-फानन मडराक में गोशाला संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें आरोप लगाया कि पशु गोशाला से गायब हैं। अंदेशा बेचे जाने का है। इस पर भी अदालत ने टिप्पणी की कि यह मुकदमा पहले क्यों नहीं किया गया। इस मामले में भूमिका संदिग्ध है। इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। इस पर एसएसपी ने सीओ द्वितीय को जांच सौंपी।
सीओ द्वितीय ने एक सप्ताह में अपनी जांच कर रिपोर्ट अदालत को भेज दी है। 14 पन्नों की जांच रिपोर्ट की प्रति एसएसपी को भी भेजी गई है। हालांकि अभी जांच रिपोर्ट का खुलासा नहीं हुआ है। मगर पता चला है कि जांच रिपोर्ट में गोशाला के संचालन, गोशाला संचालक के क्राइम से लेकर थाने के इंस्पेक्टर, दरोगा आदि की भूमिका पर सवाल खड़ा किया गया है। इस रिपोर्ट पर अदालत स्तर से निर्णय लिया जाएगा। इस विषय में शानू के अधिवक्ता सुरेश गौतम इतना ही बताते हैं कि रिपोर्ट न्यायालय को मिल गई है। अब न्यायालय स्तर से उस पर निर्णय लिया जाएगा।
-जांच पूरी कर न्यायालय व एसएसपी स्तर पर भेज दी गई है। जांच में गोशाला के वर्तमान में बिना पंजीकरण संचालन, जिस स्थान पर दर्शाया गया है, वहां गोशाला न होने, संचालक के आपराधिक रिकार्ड व इंस्पेक्टर व दरोगा की लापरवाही भरी भूमिका का जिक्र करते हुए उसे तथ्यों के साथ तैयार किया गया है।
- मोहसिन खान, सीओ द्वितीय