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वक्त आ गया है... जीएसटी दर दोबारा से तय हो

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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की वर्चुअल मीटिंग महानगर अध्यक्ष सतीश माहेश्वरी की अध्यक्षता में शनिवार को हुई। जिसमें जीएसटी की वर्तमान दरों को दोबारा निर्धारित करने की मांग हुई। व्यापारियों ने कहा कि लोहा, जस्ता, पीतल, लोहे में जीएसटी अधिक है। इसको कम किया जाए। जिससे कच्चे माल की कीमतें कम हो और लोग अपने काम दोबारा शुरू करें।
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कोरोना कर्फ्यू और अलग अलग प्रदेशों में पुन: लॉकडाउन के कारण आर्डर नहीं मिल रहे हैं। कच्चा माल महंगा होने से बनने वाले उत्पाद महंगे हुए हैं। जिससे मांग कम हुई है। इससे कुटीर उद्योग और एमएसएमई यूनिटों पर विपरीत असर पड़ रहा है। मात्र कुछ उद्योग चल रहे हैं। छोटे उद्योग व व्यापार बहुत ही मुश्किल में है, खर्चे बरकरार है। सरकार जितनी घोषणा करती है, वास्तव में जमीन पर उसका फायदा उद्योग को नही मिलता।
संगठन के चेयरमैन ओपी राठी ने कहा कि सरकार आंकड़ों में जीएसटी संग्रह बढ़ा हुआ दिखाती है, लेकिन हकीकत में ये बढ़त कच्चे माल के रेट बढ़ने से हो रहा है। कच्चे माल लगातार महंगे हो रहे हैं। ऐसे में वक्त की मांग है कि जीएसटी की दरें दोबारा से तय की जाएं। लोहा, जस्ता, पीतल, एल्युमिनियम पर जीएसटी कम किया जाए।
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महामंत्री दिनेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि सरकार को तय करना होगा कि कोराना के कारण कोई उद्योग और व्यापार बंद न होने पाए। ज्यादातर उद्योग बैंक से लोन पर ही चल रहे है, लोन की ईएमआई दोबारा से तय हो। 31 मार्च 2022 तक सभी औद्योगिक लोनों को पुनर्गठित किया जाए।
ब्याज में कम से कम 2 प्रतिशत की छूट मिले। बिजली के बिल वास्तविक खपत के आधार पर ही लिए जाय। एमएसएमई एक्ट के अनुसार व्यापारिक बिलों का पेमेंट 45 दिन में सुनिश्चित किया जाए। मीटिंग में जिलाध्यक्ष कमल गुप्ता, कोषाध्यक्ष किशन गुप्ता, राकेश अग्रवाल सिक्स संस, उपाध्यक्ष हरिओम अग्रवाल, युवा अध्यक्ष विवेक शर्मा, अशोक कुमार गुप्ता, गोविंद मोहता, जितेंद्र वर्मा, राकेश गुप्ता लीडर, रितेश माहेश्वरी, मनीष मोहता इत्यादि मौजूद रहे।
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