कौशल कुमार ओझा
वर्ष 2022-23 के आम बजट से अलीगढ़ के ताला एवं हार्डवेयर उद्योग को प्रत्यक्ष रूप से लाभ भले ही न मिला हो, मगर अप्रत्यक्ष रूप से बड़ा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। स्क्रैप पर इंपोर्ट ड्यूटी में कमी से कच्चे माल के भाव में कमी होने की संभावना है। बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए छह हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी। इसके अलावा, इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च से भी यहां के उद्योग को संजीवनी मिलने की उम्मीद है।
अलीगढ़ का ताला एवं हार्डवेयर उद्योग पिछले तीन साल से मुश्किलों के दौर से गुजर रहा है। नोटबंदी की मार से उद्यमी उबरे भी नहीं थे कि कोरोना महामारी की मार से स्थिति और खराब हो गई। कच्चे माल के भाव में उतार-चढ़ाव भी सिरदर्द बना हुआ है। केंद्र सरकार के बजट से उद्यमियों को काफी उम्मीदें थीं। प्रत्यक्ष रूप से लाभ न मिलने से उद्यमियों में मायूसी है। लेकिन उद्यमी यह भी मान कर चल रहे हैं कि बजट में ऐसे कई प्रावधान हैं, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से ताला एवं हार्डवेयर उद्योग को लाभ होगा। ऋण का प्रावधान, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 80 लाख मकानों का निर्माण एवं हाईवे निर्माण के साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट से होने वाले खर्च से ताला एवं हार्डवेयर उद्योग को लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
बजट के बाद सेंसेक्स में तेजी दर्शाती है कि बजट इंडस्ट्री फ्रेंडली है। सरकार इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अधिक खर्च करेगी, जिससे अर्थव्यवस्था में तीव्र सुधार होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एमएसएमई के लिए छह हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे छोटे उद्यमियों को राहत मिलेगी। स्क्रैप की इंपोर्ट ड्यूटी में कमी से कच्चे माल के मूल्य कम होने की संभावना है।
- सुनील दत्ता, महामंत्री, तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन
अलीगढ़ लघु उद्योग के लिए मशहूर है। इस बजट में इन उद्योगों के लिए पर्याप्त फंड की व्यवस्था की गई है। उद्यमी बिना बैंक गारंटी के तुरंत लोन प्राप्त कर सकते हैं। इस बजट में एमएसएमई इकाइयों के लिए छह हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। ईसीएलजीसी स्कीम को मार्च 2023 तक बढ़ा दिया है। इसकी गारंटी कवर धनराशि 50 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच लाख करोड़ कर दी गई है।
- आयुष वार्ष्णेय, सीए
ये हैं आंकड़े
- प्रतिदिन करीब छह लाख तालों का होता है निर्माण
- ताला एवं हार्डवेयर की करीब 8 हजार सूक्ष्म व लघु उद्योग इकाइयां
- छोटे-बड़े उद्योगों में करीब 1.97 लाख लोगों को मिला है रोजगार
- जनपद में कुल 19963 इकाइयां, जिनका 19661 करोड़ का टर्न ओवर
- मुख्य उत्पाद ताला, हार्डवेयर, पीतल की मूर्तियां, फूड इंडस्ट्रीज, इलेक्ट्रिकल फिटिंग, फ्रोजन मीट आदि
- जनपद में 128 निर्यात इकाइयां, विश्व के कई देशों में करीब 5500 करोड़ रुपये का माल निर्यात
- औद्योगिक क्षेत्र - औद्योगिक आस्थान, वृहद औद्योगिक आस्थान अतरौली, मिनी औद्योगिक आस्थान खैर, मिनी औद्योगिक आस्थान जवां
- यूपीसीडा का औद्योगिक क्षेत्र - तालानगरी सेक्टर 1 एवं 2, सीडीएफ छेरत
- प्रस्तावित नवीन औद्योगिक आस्थान ख्यामई - 47 हेक्टेयर
मेक इन इंडिया पर जोर से डिफेंस कॉरिडोर को फायदा
अलीगढ़। वर्ष 2022-23 के आम बजट में रक्षा क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया है। आयात कम कर देश के आर्थिक विकास को गति देने का प्रयास किया गया है। इससे डिफेंस कॉरिडोर के अलीगढ़ नोड को भविष्य में विशेष लाभ होने की उम्मीद है। उद्यमियों का कहना है कि रक्षा क्षेत्र में पूंजीगत खरीद में 68 प्रतिशत स्वदेशी भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जो पिछले वर्ष 58 प्रतिशत था। इस बजट में रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पर जोर दिया गया है। डीआरडीओ को 25 प्रतिशत अतिरिक्त धनराशि दी जाएगी, जिससे रिसर्च व डेवलपमेंट का कार्य होगा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी द्वारा खैर तहसील के अंडला में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। निवेशकों को भूमि आवंटित की गई है। यहां पर 1500 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है।