फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूरा शहर पैन सिटी प्रोजेक्ट में है, न कि स्मार्ट सिटी में

विज्ञापन
विज्ञापन
आशीष निगम
विज्ञापन

लगभग तीन साल बाद भी ज्यादातर लोगों को स्मार्ट सिटी और पैन सिटी प्रोजेक्ट का फर्क समझ में नहीं आया है। इसीलिए बात-बात में प्रशासनिक अधिकारियों को स्मार्ट सिटी के ताने उलहाने दिए जाते हैं, लेकिन हकीकत में स्मार्ट सिटी योजना शहर के बीचोंबीच में रेलवे लाइन के दोनों तरफ के पांच वर्ग किमी में लागू है। बाकी पूरा शहर पैन सिटी प्रोजेक्ट में विकसित हो रहा है। पैन सिटी के तहत शहर का पूरा 63 वर्ग किमी क्षेत्रफल आता है, जिसमें बीच का पांच वर्ग किमी एरिया वाला स्मार्ट सिटी भी निहित है। आइए समझते हैं स्मार्ट सिटी और पैन सिटी में क्या फर्क है।
अधिकांश लोगों की शिकायतों से ये बात स्पष्ट है कि वह स्मार्ट सिटी और पैन सिटी प्रोजेक्ट के फर्क को नहीं समझ पाए हैं। इसलिए उनकी शिकायतें ज्यादा हैं, लेकिन हम सभी की शिकायतों को हल करना चाहते हैं इसलिए काम की रफ्तार बढ़ा रहे हैं। बहुत जल्द लोग खुद ब खुद ये फर्क समझने लगेंगे।
विज्ञापन

- सत्य प्रकाश पटेल आईएएस एवं नगर आयुक्त, सीईओ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट।
स्मार्ट सिटी में 17 वार्ड शामिल
स्मार्ट सिटी के तयशुदा पांच वर्ग किमी क्षेत्र में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट (एबीडी) में लगभग 17 वार्ड आते हैं। इनमें सराय लविरया वार्ड नंबर-8, सराय दीनदयाल वार्ड नंबर-10, चुहरपुर (आंशिक) वार्ड नंबर-18, नई बस्ती वार्ड नंबर-23 पूरा, कनवरीगंज वार्ड नंबर-26, रसलगंज (आंशिक) वार्ड नंबर-29, गांधीनगर (आंशिक) वार्ड नंबर-35, बदरबाग वार्ड नंबर-36 (आंशिक), मलखान नगर (आंशिक) वार्ड नंबर-39, बरौला जाफराबाद (आंशिक) वार्ड नंबर-43, जमालपुर (आंशिक) वार्ड नंबर-46, शिवपुरी (आंशिक) वार्ड नंबर-48, अशोक नगर (आंशिक) वार्ड नंबर-49, जनकपुरी (आंशिक) वार्ड नंबर-52, टनटनपाड़ा वार्ड नंबर- 54, मानिक चौक वार्ड नंबर- 60, बानियापाड़ा वार्ड नंबर- 69 शामिल हैं। इनमें से कुछ वार्ड का पूरा सार्वजनिक प्रयोग में आने वाला भूभाग विकसित किया जाएगा। वहीं, कुछ वार्ड में आंशिक रूप से काम किया जाएगा।
स्मार्ट सिटी में होंगे ये काम
स्मार्ट सिटी के तहत 17 वार्डों में सीवरेज सिस्टम, शुद्ध पेयजल आपूर्ति लाइन, अंडर ग्राउंड बिजली व्यवस्था, प्रदूषण कम करने वाले सेंसर, इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सैनिटाइजेशन, ग्राउंड वॉटर रिचार्जिंग सिस्टम, फुटपाथ को खाली करा कर पैदल चलने लायक बनाया जाएगा। इन स्थानों पर खुले सार्वजनिक स्थानों को अधिकतम उपयोग के लिए विकसित किया जाएगा। इस सीमा में शामिल अचल सरोवर और लाल डिग्गी सरोवर का आधुनिक निर्माण कार्य शामिल है। इसी तरह जवाहर पार्क और कंपनी बाग स्थित गांधीपार्क को भी नये रूप में विकसित किया जाना है। कलक्ट्रेट, शमशाद मार्केट, जेल रोड होते हुए लगभग छह किमी लंबा साइकिल ट्रैक भी प्रस्तावित है।
इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर
पैन सिटी और स्मार्ट सिटी के सभी कामों पर नजर रखने, लोगों को मदद पहुंचाने और शहर को एकीकृत व्यवस्था से जोड़ने के लिए लालडिग्गी में इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर की इमारत बन रही है। जहां से पूरे शहर की निगरानी होगी।
पैन सिटी में ये काम हो रहे हैं
शहर में इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, नगर निगम की पूरी कार्यप्रणाली को ई गर्वनेंस में लाने का काम हो रहा है। इसमें इलेक्ट्रानिक सर्विलांस, ई-चालान, पब्लिक सिक्योरिटी सिस्टम, जेब्रा क्रासिंग रोड, इमरजेंसी रिस्पांस बाक्स, मोबाइल बेस्ड इनफार्मेशन सिस्टम, इलेक्ट्रिक बस सेवा, इलेक्ट्रिकल वाहन के दस चार्जिंग स्टेशन आदि निर्माण कार्य हो रहे हैं।
विज्ञापन

रेट्रो फिट मॉडल अपनाया है अलीगढ़ ने
वर्ष 2015 में देश में स्मार्ट सिटी मिशन शुरू हुआ। वर्ष 2017 में तीसरे चरण में अलीगढ़ स्मार्ट सिटी में चुना गया। किसी भी शहर को स्मार्ट बनाने के लिए तीन तरीकों का प्रयोग होता है। पहला रिडेवलपमेंट यानी तोड़फोड़ कर नये सिरे से शहर को बसाया जाए। दूसरा पुराना शहर छोड़ कर नई टाउनशिप बसाई जाए। जैसे रांची और राजकोट में हुआ। तीसरा तरीका रेट्रो फिट है, जिसमें पुरानी कुछ चीजों को नया कर नया शहर बनता है। अलीगढ़ में रेट्रो फिट तरीके को अपनाया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें