राष्ट्रीय शिक्षा नीति में संशोधन के बाद लागू की जा रही 2020 की नई शिक्षा नीति के विस्तृत दिशा निर्देशों का जिले के प्राचार्य इंतजार कर रहे हैं। विगत हफ्ते आगरा विवि के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल द्वारा बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राष्ट्रीय सिक्षा नीति के अनुपालन में इस बार विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है। मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम के तहत क्या-क्या बदलाव होने वाले हैं। इसके बारे में बिना गाइडलाइन कुछ बताने से महाविद्यालय प्रबंधन परहेज कर रहे हैं।
बता दें कि कुलपति प्रो. अशोक मित्तल की अध्यक्षता में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति की बैठक विगत हफ्ते संपन्न हुई। जिसमें कई सारे निर्णय लिए गए। 26 जून से लेकर 25 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। अंतिम तिथि में परिवर्तन संभव है। 2020 की तरह प्रवेश प्रक्रिया संपन्न होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन में स्नातक कक्षाओं में सेमेस्टर या प्रथम वर्ष में विद्यार्थी को प्रवेश दिया जाएगा। वेब रजिस्ट्रेशन में विद्यार्थी से कोरोना का टीका लगवाने का प्रमाणपत्र मांगा जाएगा। किन्हीं अपरिहार्य कारणों से विद्यार्थी स्वयं को संस्थागत से व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में स्थानांतरित कर सकते हैं। इसके लिए प्राचार्य की संस्तुति पर विश्वविद्यालय अनुमति देगा, लेकिन यह अनिवार्य है कि विद्यार्थी के पास प्रायोगिक विषय नहीं होने चाहिए। एक पाठ्यक्रम से दूसरे पाठ्यक्रम में प्रवेश समायोजित होने की स्थिति में उसका 90 प्रतिशत शुल्क वापस कर दिया जाएगा।
इन निर्णय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन में स्नातक कक्षाओं में सेमेस्टर या प्रथम वर्ष में विद्यार्थी को प्रवेश देने की बात कही गई है। अगर राष्ट्रीय शिक्षा नीति में संशोधन के बाद बनी नई शिक्षा नीति में प्रवेश संभव है तो मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम भी लागू होगा। इसका मतलब यह है कि छात्र सेमेस्टर अथवा वर्ष के अंतराल पर अपने पाठ्यक्रम को बदल भी सकता है। इसके साथ ही अन्य विभिन्न निर्देश नई शिक्षा नीति में शामिल है। आगरा विवि से संबद्ध डिग्री कॉलेजों में नई शिक्षा नीति कब और कितना लागू होती है, इसके लिए दिशा निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है।
यह बोले प्राचार्य
- श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय व धर्म समाज महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय व डॉ. हेमप्रकाश ने बताया कि विगत हफ्ते हुई बैठक के निर्णय की जानकारी है। जिसमें नई शिक्षा नीति से प्रवेश के संबंध निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कोई जानकारी नहीं है। यह तो विस्तृत दिशा निर्देश प्राप्त होने के बाद ही बताया जा सकेगा कि नई शिक्षा नीति से क्या-क्या बदलाव होने वाले हैं।