क्षेत्र के गांव नगरिया में एक युवक की पिस्टल से चली गोली लग गई। गोली उसके पेट में लगी, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। परिजन उसे उपचार के लिए आगरा ले गए। वहां ऑपरेशन कर गोली को उसके पेट से निकाला गया। तबीयत में सुधार होने पर परिजन उसे लेकर कोतवाली पहुंचे और इस संबंध में तहरीर दी।
गांव नगरिया निवासी सुरेशचंद्र ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा है कि उनका पुत्र रोहित कुमार गांव में एक चिकित्सक के यहां सहायक का काम करता था। सात अक्तूबर को जब उनका पुत्र काम कर रहा था तो चिकित्सक ने जान मारने की नीयत से उसे अपनी पिस्टल से गोली मार दी। गोली मारने के बाद वह उसके पुत्र को लेकर आगरा चला गया और उसे फोन पर बताया कि उसके पुत्र के साथ दुर्घटना हो गई है।
उनकी मां जब चिकित्सक के घर पहुंची तो उसके परिजन फर्श से पर बिखरा खून साफ कर रहे थे। इसके बाद वह आगरा पहुंचे तो चिकित्सक उसे अस्पताल में भर्ती कराकर गायब हो गया। उन्होंने अपने पुत्र का उपचार कराया। गोली उसकी आंत में लगी थी। उनका यह भी आरोप है कि उन्होंने 30 अक्तूबर को कोतवाली में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस उन्हें टहलाती रही।
सीओ सादाबाद अमित पाठक का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था। अब इस मामले की पूरी तरह जांच कराई जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
घटना को लेकर उठ रहे सवाल
गांव नगरिया में एक चिकित्सक के यहां सहायक का कार्य कर रहे युवक के पेट में गोली लगने से पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।07 अक्तूबर को गोली लगने की यह घटना हुई थी। गांव में गोली चलने एवं युवक के घायल होने का आखिर पुलिस को पता कैसे नहीं लगा, यह सवाल शिद्दत से उठ रहा है। दूसरा सवाल यह है कि चिकित्सक की पिस्टल लाइसेंसी है अथवा नहीं।