गैंगेस्टर एक्ट में गिरफ्तार पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड के आरोपी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू को बृहस्पतिवार दोपहर दीवानी स्थित गैंगेस्टर कोर्ट में पेश किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच हुई पेशी के दौरान समर्थकों का जमावड़ा दीवानी परिसर में लगा रहा। इस दौरान गुड्डू के अधिवक्ता ने गैंगेस्टर की कार्रवाई का विरोध करते हुए रिमांड मंजूर न करने का अनुरोध किया और पुलिस अभिरक्षा में गुड्डू को कानपुर के अपराधी विकास दुबे की तरह सुरक्षा को खतरा बताया। इस पर न्यायालय ने जेल से न्यायालय आने जाने के दौरान सुरक्षा के लिए सीओ तृतीय की जवाबदेही तय करने का आदेश जारी किया है।
क्वार्सी थाने के हिस्ट्रीशीटर (64/ए पर दर्ज) तेजवीर सिंह गुड्डू निवासी गांव सुखरावली, क्वार्सी हाल जापान हाउस की गिरफ्तारी बुधवार की दोपहर दीवानी के पिछले गेट से निकलते समय की गई थी। गुड्डू को उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में दर्ज जमीन की धोखाधड़ी के मुकदमे में गैंगेस्टर एक्ट के तहत पाबंद किया गया है। गैंगेस्टर के इस मुकदमे में गुड्डू के अलावा जेल में निरुद्ध उनके दोनों बेटे जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह व कार्तिक चौधरी और एक अन्य असलम उर्फ कल्लू को भी आरोपी बनाया गया है।
डीएम के अनुमोदन पर थाना सिविल लाइंस में 31 जनवरी को दर्ज गैंगेस्टर एक्ट के इस मुकदमे में विवेचक इंस्पेक्टर क्वार्सी ने कड़ी सुरक्षा के बीच मेडिकल परीक्षण कराने के बाद गैंगेस्टर न्यायाधीश महेशानंद झा के न्यायालय में गुड्डू को पेश किया। इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित, पूर्व बार अध्यक्ष जगदीश सारस्वत, पूर्व बार अध्यक्ष गणेश शर्मा ने गैंगेस्टर की कार्रवाई को गलत करार देते हुए प्रकरण में रिमांड मंजूर न करने का अनुरोध किया। न्यायालय ने इस अनुरोध को अस्वीकार करते हुए गुड्डू का 30 दिन का रिमांड मंजूर कर न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया। अधिवक्ताओं की ओर से दूसरी अर्जी सुरक्षा संबंधी दी गई, जिसमें कहा गया कि अगर अभिरक्षा में गुड्डू के साथ कोई घटना होती है तो जिला पुलिस उसकी जिम्मेवार होगी। इस बात का अंदेशा है कि सियासी प्रतिद्वंद्विता में विकास दुबे की तरह कोई घटना न हो जाए। इस पर न्यायालय ने सीओ तृतीय अनिल समानिया को सुरक्षा के लिए जिम्मेदार तय करते हुए एसएसपी को इसके इंतजाम करने के निर्देश दिए। इसके बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच गुड्डू को अस्थायी कारागार, खैर रोड भेज दिया गया। इस दौरान दीवानी में एहतियातन पीएसी, पुलिस मौजूद रही, जबकि सीओ तृतीय अनिल समानिया, मडराक व सिविल लाइंस पुलिस भी मौजूद रही।
हथकड़ी में पेशी पर जारी की हिदायत
बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित के अनुसार, तेजवीर को हथकड़ी लगाकर न्यायालय में पेश किया गया, जिस पर ऐतराज जताया। इस पर न्यायालय ने पुलिस को भविष्य के लिए हिदायत जारी करते हुए अपने आदेश में एसएसपी को लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जेल ले जाने व कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी को हथकड़ी न लगाई जाए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।
दोनों बेटों पर भी गैंगेस्टर तामील कराया
अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित के अनुसार, गैंगेस्टर के इस मुकदमे में आरोपी बनाए गए तेजवीर के दोनों बेटों दीपक व कार्तिक को जिला कारागार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बृहस्पतिवार को पेश कराया गया। दोनों पर गैंगेस्टर का मुकदमा भी पुलिस स्तर से तामील करा दिया गया है। जिसमें 30 दिन का रिमांड स्वीकारा किया गया है। अभी इस मुकदमे में असलम नाम का व्यक्ति और वांछित है।
ये होती है रिमांड : जब किसी अभियुक्त को पुलिस किसी मुकदमे में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करती है तो मुकदमा विवरण सहित गिरफ्तारी प्रपत्र दाखिल करती है, जिस मुकदमे पर न्यायालय द्वारा कस्टडी रिमांड स्वीकार कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजा जाता है।
अभियोजन की दलील
विशेष अभियोजन अधिकारी एसके सिंह के अनुसार, उन्होंने रिमांड मंजूर करने को लेकर न्यायालय के समक्ष हाईकोर्ट की रूलिंग व गुड्डू का 42 मुकदमों का आपराधिक इतिहास पेश करते हुए कहा कि ये लोग अपने रसूख के दम पर लोगों की जमीनें कब्जाने और धन अर्जित करने का अपराध करते हैं। इसमें गुड्डू गैंग लीडर है, जबकि बाकी साथी हैं। कुछ मुकदमों में अभी न्यायालय में परीक्षण जारी है। इसलिए गैंगेस्टर में 60 दिन का कस्टडी रिमांड स्वीकारा जाए। इसी आधार पर अभियोजन की दलील स्वीकारते हुए न्यायालय ने 30 दिन का रिमांड मंजूर किया है।
बचाव पक्ष की अपील
बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित के अनुसार, उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि पंचायत चुनाव से ऐन पहले सियासी साजिश के तहत जानबूझकर 2019 के उस मुकदमे में गैंगेस्टर लगाया गया है, जिसमें हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे था। जनवरी में चार्जशीट पेश होने पर न्यायालय से समन जारी हुए हैं। इसके बाद गैंगेस्टर बनाया है जो गलत है। साथ ही जिला पुलिस की अभिरक्षा में जान का खतरा है। न्यायालय ने हमारी सुरक्षा की अर्जी स्वीकारी है। सुरक्षा के लिए सीओ की जवाबदेही तय की है। डीएम-एसएसपी को भी लिखा गया है।
गैंगेस्टर एक्ट में तेजवीर गुड्डू को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से रिमांड मंजूर होने के बाद फिलहाल अस्थायी जेल दाखिल किया गया है। न्यायालय ने सुरक्षा को लेकर जो भी निर्देश जारी किए हैं, उनका अनुपालन किया जाएगा।-अनिल समानिया सीओ तृतीय