दीनदयाल अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते मेलरोज बाईपास के बिहारी नगर निवासी शिक्षक परमवीर चौधरी की मौत हो गई। इस पर कांग्रेसियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता इंजीनियर आगा यूनुस ने बताया कि परमवीर चौधरी की तबीयत खराब होने पर अधिवक्ता दिनेश बाबू उन्हें दीनदयाल अस्पताल ले गए थे। वहां पर उपचार के नाम पर सिर्फ बेड पर लिटा दिया गया, जबकि उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत थी लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिली।
बाद में दिनेश बाबू को बताया गया कि मरीज की हालत बहुत सीरियस है। इसके कुछ ही देर बाद शिक्षक का देहांत हो गया। इससे पहले कांग्रेसी नेता साबिया हसन की ऑक्सीजन के अभाव में मौत हो गई। कुछ दिन पहले एक निजी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन के अभाव में पांच लोगों की मौत होने का मामला सामने आया था। लेकिन इस घटना से जिला प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।
कांग्रेस नेता गजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि जब ऑक्सीजन, बेड, दवा, इंजेक्शन के संबंध में प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन किया जाता है, तो उनका फोन नहीं उठता है। ऐसे में मरीज और उनके तीमारदार इधर से उधर भटकते रहते हैं।