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हक की बात जिलाधिकारी के साथ: डीएम से रूबरू हुईं छात्राएं, उनके मन के द्वंद को ऐसे किया शांत

Mon, 04 Dec 2023 06:57 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

हक की बात जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम में छात्राओं के शासकीय, राजनैतिक, सामाजिक, शैक्षिक, घर-परिवार, सोशल मीडिया, यौन एवं घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर जिज्ञासाओं और मन के द्वंद को जिलाधिकारी ने विचारों से शांत किया।
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हक की बात जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम में अलीगढ़ डीएम इंद्र विक्रम सिंह - फोटो : सूचना विभाग
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विस्तार
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अन्तर्गत हक की बात जिलाधिकारी के साथ का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। छात्राओं के शासकीय, राजनैतिक, सामाजिक, शैक्षिक, घर-परिवार, सोशल मीडिया, यौन एवं घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर जिज्ञासाओं और मन के द्वंद को जिलाधिकारी ने विचारों से शांत किया।

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हक की बात जिलाधिकारी के साथ के बारे में बताते हुए डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने छात्रााओं से कहा कि आपके मन में जो भी जिज्ञासाएं हैं उन्हें बिना किसी संकोच एवं झिझक के प्रकट करने का यह बेहतरीन मंच है। छात्राएं अपनी जिज्ञासाओं और मन के द्वंद को शांत करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। शासन-प्रशासन द्वारा दिए जा रहे अवसर का बेबाकी से लाभ उठाएं। 
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छात्राओं के सवाल, जिलाधिकारी के जवाब

  • राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा वैष्णवी वार्ष्णेय-एआई तकनीक के दुरूपयोग होता है, सरकार इसे प्रतिबंधित क्यों नहीं कर रही है ?

डीएम-हर तकनीक के दो पहलू होते हैं, आपको देखना है कि आपको उसका किस प्रकार से उपयोग करना है। टैक्नोलॉजी दो धारी तलवार की तरह होती है, आपको समझ विकसित करनी होगी कि किस प्रकार से उसका उपयोग करें। 

  • राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की हिमानी-बाजार में ऐसे बहुत से मेडिसिन प्रोडक्ट हैं जिनके दुरूपयोग की संभावना है, इनको बंद क्यों नहीं किया जाता ?

डीएम-बैन किसी समस्या का समाधान नहीं होता, इससे एक समस्या का तो समाधान होता है परन्तु कई अन्य समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। दवाओं का उपयोग भी हमारे विवेक पर निर्भर करता है। 

  • राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की अंजली वार्ष्णेय-छोटे बच्चे भीख क्यों मांगते हैं ?

डीएम-समाज में आत्मसम्मान सर्वोपरि होना चाहिए, ऐसा करना गलत है। सरकार द्वारा ऐसे बच्चों के लिए अनाथालय एवं स्कूल खोले गये हैं, परन्तु प्रायः देखने में आता है कि ऐसे बच्चों के माता-पिता ही इनसे ये काम कराते हैं। गरीबी कोई समस्या नहीं है, हमारी सोच उत्कृष्ट होनी चाहिए। 

  • महेश्वर गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा मोनिका-दहेज की समस्या पर क्या कहेंगे ? 

डीएम-अब समय बदल चुका है, इस हीन भावना से बाहर आएं। जब आप आत्मनिर्भर बनोगी तो इस प्रकार कर समस्या नहीं आएगी। 

  • राजकीय कन्या इंटर कॉलेज अतरौली की वंशिका वार्ष्णेय-उच्च शिक्षा के बाद आत्मनिर्भर बनने और कैरियर बनाने की क्या संभावना हैं ? 

डीएम-सरकार द्वारा अधिकांश शिक्षा निःशुल्क है, पढ़ने-लिखने के लिए संसाधनों की कमी नहीं है। आपका जुझारूपन और बिल पावर ही आपको सफलता दिलाती है, जब जागो तभी सवेरा। 

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