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लॉक डाउनः विदेश जाकर पढ़ने का सपना हो न सका अपना विदेशी विश्वविद्यालयों से पढ़ाई पूरी करने की योजना बनाने वाले विद्यार्थी देश में ही रहकर देश सेवा की बात कहते हैं

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भावना सिंह - फोटो : AMAR UJALA
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दीपक शर्मा अलीगढ़। महामारी के चलते हुए लॉक डाउन के कारण वह छात्र जो विदेशी विश्वविद्यालय में पढ़ने का सपना संजोए बैठे थे, उनको बहुत झटका लगा है। सारी गतिविधियां रुक जाने और हवाई यात्रा बंद हो जाने के कारण उनकी सारी प्रक्रिया ही ठप होकर रह गई है। अब वह स्वयं नहीं जानते कि विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया कब और किस तरह शुरू होगी। जनवरी महीने में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के आर्ट फैकल्टी लाउंज में एक कैंप लगाया गया था, जिसमें विदेशी विश्वविद्यालयों में छात्रों को एडमिशन लेने और वहां पढ़ने के विषय में गाइडेंस उपलब्ध कराई गई थी। इसमें 250 से अधिक छात्रों ने पंजीयन कराया था। लेकिन अब यह सारी प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। इसके अलावा कुछ विद्यार्थी ऐसे भी हैं जिन्होंने अब विदेशी विश्वविद्यालयों में अध्ययन करने योजना ही बदल दी है । ऐसे विद्यार्थियों का मानना है कि अब वह देश की ही किसी यूनिवर्सिटी से अपनी शिक्षा पूरी करेंगे और देश की सेवा करेंगे। रामघाट रोड मानसरोवर कॉलोनी की रहने वाली भावना सिंह कहती हैं पहले अमेरिका की कैलिफोर्निया में एक यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने की तैयारी कर रही थीं। इसके लिए सभी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई थीं। लेकिन अब लॉक डाउन के चलते बहुत कुछ सोचने का अवसर मिला है और फैसला किया है कि अब देश के ही किसी विश्वविद्यालय से शिक्षा पूरी की जाएगी। स्वर्ण जयंती नगर के जतिन जादौन कहते हैं कि उन्होंने भी पूरी तरह मन बना लिया था कि वह विदेश की किसी विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे। लेकिन लॉक डाउन के दौरान देखा के किस तरह हवाई यात्रा में परेशानी आ रही है। किस तरह लोग विदेशों में फंसे हुए हैं और मुसीबत का सामना कर रहे हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अब देश में ही रह कर पढ़ाई पूरी करने का फैसला किया है।
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जतिन जादौन - फोटो : AMAR UJALA
जतिन जादौन
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