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Health: रहना चाहते हैं फिट तो ये टेस्ट साल में एक बार जरूर कराएं, टेस्ट कहां हो बेस्ट, बता रहे डॉक्टर साहब

Tue, 17 Sep 2024 11:04 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

फुल बॉडी चेकअप के प्रलोभन में न आए, क्योंकि बहुत सारे टेस्ट की जगह कुछ टेस्ट ही आपके शरीर का हाल बयां कर देंगे। उन्हीं रूटीन टेस्ट और पैथोलॉजी से जुड़े कई सवालों के जबाव पैथोलॉजिस्ट डॉ भरत वार्ष्णेय ने दिए।
 
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पैथोलॉजी लैब - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जब हमें कोई शारीरिक परेशानी आती है तो सीधे हम चिकित्सक से संपर्क साधते हैं। चिकित्सक बीमारी के बारे में कंफर्म करने के लिए टेस्ट कराने को पैथोलॉजी लैब भेज देते हैं। पर क्या आपको पता है कि अगर आप सही हैं तो भी आपको छह या 12 महीने के समय अंतराल पर कुछ ऐसे टेस्ट करा लेने चाहिए, जो बता देते हैं कि आपके शरीर में कहां और क्या कमी है। साथ ही फुल बॉडी चेकअप के प्रलोभन में न आए, क्योंकि बहुत सारे टेस्ट की जगह कुछ टेस्ट ही आपके शरीर का हाल बयां कर देंगे। उन्हीं रूटीन टेस्ट और पैथोलॉजी से जुड़े कई सवालों के जबाव पैथोलॉजिस्ट डॉ भरत वार्ष्णेय ने दिए।

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सामान्य व्यक्ति कौन-कौन से टेस्ट कराए और कब
डॉ भरत वार्ष्णेय ने बताया कि 30 वर्ष की उम्र से व्यक्ति को छह महीने या एक साल के समय अंतराल पर रूटीन टेस्ट कराने शुरू कर देने चाहिए। इन बेसिक  टेस्ट से उसके शरीर में कमियों के बारे में सही समय पर पता चल जाएगा और उन कमियों को दूर भी किया जा सकेगा। खून की जांच सीबीसी, किडनी की जांच आरएफटी, एलएफटी, कोलेस्ट्रोल, थाइरॉड, शुगर और यूरिन की जांच करा लें। इन जांचों से आपके शरीर के बारे में बहुत कुछ पता चल जाएगा। इन टेस्ट को कराने में लगभग 1500 से 2500 रुपये तक लग सकते हैं। 

किस लैब में कराएं टेस्ट
डॉ भरत वार्ष्णेय ने बताया कि जिस पैथोलॉजी लैब में टेस्ट कराने जाएं, वहां के डॉक्टर के बारे में पता करें, उनकी डिग्री के बारे में जानकारी करें। डॉक्टर से मुलाकात भी कर लें। ऑनलाइन सैंपल ले जाकर टेस्ट कराने वाली सेवाओं पर ज्यादा विश्वास न करें, खुद पैथोलॉजी लैब पर जाएं। 

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फुल बॉडी चेकअप कराना चाहिए या नहीं

उन्होंने बताया कि फुल बॉडी चेकअप एक भ्रम है। कुछ टेस्ट को मिलाकर एक पैनल सा बना दिया जाता है। जिसके एबज में अच्छा खासा पैसा लिया जाता है। आप डॉक्टर से मिलें। अपनी उम्र, शरीर में परेशानियों का जिक्र करें। डॉक्टर आपके लिए कुछ टेस्ट का ग्रुप बनवाएं और उनका टेस्ट कराएं। टेस्ट की कोई लिमिट नहीं हैं, केवल वही टेस्ट कराएं जिसकी उसे जरूरत है। बेबजह बहुत सारे टेस्ट कराने के नाम पर पैसे बर्बाद न करें।

अलग-अलग लैब की रिपोर्ट अलग-अलग होती है
डॉ भरत वार्ष्णेय ने बताया कि जो स्टेंडर्ड लैब होंगी, उनकी एक जैसी ही रिपोर्ट आएगी। थोड़ा बहुत अंतर तो हर जगह पर आता है, पर वह अंतर बहुत नहीं होना चाहिए। फॉलोअप एक जगह से ही कराएं। 

पहले डॉक्टर को दिखाएं या जांच कराएं
उन्होंने बताया कि दोनों ही बात सही हैं। पहले आप डॉक्टर को दिखा सकते हैं या जांच करा सकते हैं। प्रशिक्षित डॉक्टर मरीज की पैथोलॉजी लैब पर जांच कराने को ही प्राथमिकता देते हैं।
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