उन्होंने बताया कि फुल बॉडी चेकअप एक भ्रम है। कुछ टेस्ट को मिलाकर एक पैनल सा बना दिया जाता है। जिसके एबज में अच्छा खासा पैसा लिया जाता है। आप डॉक्टर से मिलें। अपनी उम्र, शरीर में परेशानियों का जिक्र करें। डॉक्टर आपके लिए कुछ टेस्ट का ग्रुप बनवाएं और उनका टेस्ट कराएं। टेस्ट की कोई लिमिट नहीं हैं, केवल वही टेस्ट कराएं जिसकी उसे जरूरत है। बेबजह बहुत सारे टेस्ट कराने के नाम पर पैसे बर्बाद न करें।
अलग-अलग लैब की रिपोर्ट अलग-अलग होती है
डॉ भरत वार्ष्णेय ने बताया कि जो स्टेंडर्ड लैब होंगी, उनकी एक जैसी ही रिपोर्ट आएगी। थोड़ा बहुत अंतर तो हर जगह पर आता है, पर वह अंतर बहुत नहीं होना चाहिए। फॉलोअप एक जगह से ही कराएं।
पहले डॉक्टर को दिखाएं या जांच कराएं
उन्होंने बताया कि दोनों ही बात सही हैं। पहले आप डॉक्टर को दिखा सकते हैं या जांच करा सकते हैं। प्रशिक्षित डॉक्टर मरीज की पैथोलॉजी लैब पर जांच कराने को ही प्राथमिकता देते हैं।