एएमयू में बाहरियों के प्रवेश पर रोक को लेकर जब शोर मचा तो सामने आया कि अपराधी भी समय समय पर एएमयू में छिपते हैं। इसे लेकर पुलिस स्तर से 19 सुझाव दिए गए थे कि छात्रों को आईकार्ड, बाहरी के आने पर ब्योरा लिखना, सीसीटीवी, आपराधिक लोगों का ब्योरा पुलिस को देना, आपराधिक घटनाओं का ब्योरा पुलिस को देना, छात्रों पर आपराधिक कार्रवाई का ब्योरा पुलिस का देना आदि सुझाव दिए गए थे।
पहले हुए बवाल को देखते हुए अलीगढ़ में विशेष सतर्कता बढ़ाई
पूर्व में हुए बवाल को देखते हुए सीएए लागू होते ही शहर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सेक्टर स्कीम लागू कर शहर को तीन जोन और नौ सेक्टरों में बांट दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बाहरी बस्तियों पर खास तौर पर नजर रखी जा रही है। एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट के अनुसार शहर को तीन जोन व नौ सेक्टरों में बांटकर सेक्टर स्कीम लागू की गई है। मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। ये 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर गतिविधियों पर नजर रखेंगे। किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर सतर्कता के साथ पुलिस बल व अधिकारियों को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित करेंगे।
बाहरी बस्तियों पर खास नजर
पुलिस व खुफिया टीमें शहर की बाहरियों बस्तियों में नजर रख रही हैं। यहां बड़ी संख्या में मीट फैक्टरियों में रोहिंग्या मुस्लिमों के काम करने के मामले पूर्व में सामने आए हैं। पिछले प्रदर्शन में काफी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिमों की भागीदारी शाहजमाल, जीवनगढ़ के धरनों में रही थी। ऐसे में यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
हमारी हर स्तर पर तैयारी है। कुछ लोग चिह्नित हैं, जिन्हें रेडकार्ड या नोटिस दिए जा रहे हैं। फिर भी लोगों से अपील है कि किसी के बहकावे में न आएं। पहले कानून के प्रावधानों को समझ लें। किसी को कोई बात समझ नहीं आती है तो बाकायदा इसके लिए शासन की साइट पर व प्रशासन के स्तर पर जानकारी मुहैया कराई जा रही है। बाकी हम किसी तरह के कानून तोड़ने वालों से सख्ती से निपटेंगे।-संजीव सुमन, एसएसपी
- 15 दिसंबर की रात एएमयू छात्र और बाहरियों से पुलिस का टकराव
- 16 दिसंबर से कई दिन तक शहर में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध
- एएमयू से धरना खत्म होने के बाद जीवनगढ़ बाईपास पर धरना चला
- 20 जनवरी की शाम शाहजमाल-चरखवालान में पुलिस पर पथराव
- 29 जनवरी से शाहजमाल ईदगाह के सामने महिलाओं का धरना शुरू
- 22 फरवरी से शाहजमाल से कुछ महिलाएं ऊपरकोट पर धरने पर बैठीं
- -23 फरवरी को ऊपरकोट पर बवाल, बाबरी मंडी में तारिक जख्मी हुआ
- 13 मार्च को गोली से जख्मी युवक कोमेडिकल कॉलेज में मृत घोषित किया
- 24 मार्च को 56वें दिन शाहजमाल का धरना खत्म कराया जा सका
सुर्खियों में रहे थे ये प्रकरण
- एएमयू-जामिया में लाठीचार्ज पर सुप्रीम कोर्ट में यहां के पुलिस अधिकारी तलब
- एएमयू छात्रों की ओर से दायर याचिका पर हाईकार्ट ने मानवाधिकार को जांच दी
- मानवाधिकार आयोग ने की घायल छात्रों को मुआवजे-पुलिस कार्रवाई की संस्तुति
- एएमयू के स्तर से इस पूरे बवाल की मजिस्ट्रेटी जांच की संस्तुति भी की गई थी
ये रही पुलिस कार्रवाई
- 23 मुकदमे सिविल लाइंस थाने में दर्ज, तीन में अंतिम रिपोर्ट
- तीन मुकदमे क्वार्सी थाने में दर्ज, एक में अंतिम रिपोर्ट दी गई
- आठ मुकदमे देहली गेट थाने में दर्ज, दो में अंतिम रिपोर्ट दी
- 13 मुकदमे कोतवाली थाने में दर्ज, चार में अंतिम रिपोर्ट दी
47 मुकदमों में दो मुकदमे मर्ज किए गए थे
एएमयू बवाल में एक मुकदमा सिविल लाइंस में पुलिस ने और दूसरा आरएएफ ने कराया। आरएएफ के मुकदमे में 10 हजार अज्ञात आरोपी बनाए थे। जिसे पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे में मर्ज किया। इसी तरह कोतवाली में ऊपरकोट बवाल में दो मुकदमे एक ही घटना में दर्ज हुए। उन दोनों को मर्ज किया गया।
मानवाधिकार आयोग की संस्तुति पर ये कार्रवाई
दो सिपाही व जो पीएसीकर्मियों पर मिस कंडक्ट की कार्रवाई की गई। तीन छात्रों पुरानी चुंगी के नसीर को 25 हजार, कोशांबी कमालपुर के मो.तंजीम को 10 हजार, सुलेमान हॉल के अयाज अंसारी को 10 हजार रुपये मुआवजा दिया था। एमएम हॉल के तारिक, बीएम हॉल के तबरेज व एसएस साउथ के नदीम ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया।