इस मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी अमर सिंह तोमर ने बताया कि मुकदमे में सितंबर में आरोप तय हुए थे और जनवरी 2023 में पहली गवाही शुरू हुई। इसमें वादी के अलावा उसकी पत्नी, पंचनामा के गवाह, पुलिस के गवाह, डाक्टर सहित आरोपी के बयान दर्ज करने वाले मजिस्ट्रेट सहित कुल दस गवाही कराई गईं। इसके बाद अब यह निर्णय तक पहुंचा है। अब अदालत में अधिक से अधिक सजा के लिए प्रयास किया जाएगा।
मृत्युदंड मिलने पर ही मिलेगा सुकून
इस मामले में दोषी करार दिए गए सौरभ के भाई रामेश्वर का कहना है कि अदालत ने दोषी करार दिया है। मगर उसने हमारे परिवार को जो दंश दिया है। जब तक उसे मृत्युदंड नहीं मिलता, सुकून नहीं मिलेगा।
मुकदमा निर्णय की दहलीज पर पहुंच गया है। मामले में हमने दोषी को मृत्युदंड का अनुरोध किया है। अब सजा के बिंदु पर सुनवाई के दिन भी इस दिशा में अदालत के समक्ष दलील रख अधिकतम सजा दिलाने का प्रयास होगा। - नीरज चौहान, वादी के अधिवक्ता।