कंकणाकृति सूर्य ग्रहण आज पड़ेगा। ग्रहण के दौरान सूर्य कंगन की तरह दिखाई देगा। शहर के ज्योतिषाचार्यों ने दावा किया है कि इस सूर्य ग्रहण से व्यापारियों को लाभ मिलेगा तो वहीं, कोरोना महामारी खात्मे के आसार भी बनेंगे। ज्योतिषाचार्यों ने गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा है।
इस साल का पहला सूर्यग्रहण आज है, जो वलयाकार होगा। जिसमें चंद्रमा की छाया सूर्य के 99 फीसदी भाग को ढक लेगी। पूरे देश में यह ग्रहण खग्रास के रूप में देखा जा सकेगा। ग्रहण की शुरुआत सुबह 9 बजकर 16 मिनट से है, लेकिन भारत में इसकी शुरूआत सुबह 10 बजे से होगी। अलीगढ़ शहर में प्रात: 10:20 बजे से ग्रहण प्रारंभ होगा। जिसका मध्य दोपहर 12:02 मिनट तक रहेगा। 02 बजकर 28 मिनट पर पूरे देश में ग्रहण समाप्त हो जाएगा। भारत में 20 तारीख की रात्रि 9 बजकर 56 मिनट से सूतक लग जाएगा। सूतक काल में पूजा-पाठ निषेध है। ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम पांच बजे के बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे।
महामारी का विनाश करने वाला है सूर्य ग्रहण: महामंडलेश्वर
महामंडलेश्वर स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया कि शीत ऋतु के दौरान पड़ने वाला सूर्य ग्रहण महामारी को जन्म देने वाला होता है, लेकिन आषाढ़ मास की अमावस्या पर सूर्य ग्रहण पड़ता है तो उसमें महामारी का विनाश होता है। क्योंकि यह सूर्य ग्रहण मिथुन राशि में पड़ रहा है। जो सातवें भाव में है। यह 7 का अंक महामारी का नाश करने वाला होगा। ऐसे में छह महीने के अंदर कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से भी पूरी तरह निजात मिलने के आसार हैं।
चीन पर भारी पड़ेगा भारत: पंडित हृदय रंजन शर्मा
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया इस वर्ष का यह एकमात्र ग्रहण होगा, जो भारत में दिखेगा और इसका धार्मिक असर भी मान्य होगा। ये ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में और मिथुन राशि में लगेगा। 5 जून को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा थी। 21 जून को आषाढ़ मास की अमावस्या है। 5 जुलाई को आषाढ़ मास की पूर्णिमा है। इन तीनों तिथियों पर ग्रहण होंगे। 58 साल पहले 1962 में 17 जुलाई को मांघ चंद्र ग्रहण, 31 जुलाई को सूर्य ग्रहण और 15 अगस्त को पुन: मांघ चंद्र ग्रहण हुआ था। उस समय भी शनि मकर राशि में वक्री था। इसलिए चीन के साथ छोटा-मोटा युद्ध होने के प्रबल आसार हैं। जिसमें इस बार भारत चीन पर भारी पड़ेगा।
इन मंत्रों का कर सकते हैं जाप
शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में किए गए मंत्र जाप का फल जल्दी मिल सकता है। ऊँ नम: शिवाय, श्रीकृष्ण के मंत्र कृं कृष्णाय नम:, श्रीराम के मंत्र रां रामाय नम:, गणेशजी के मंत्र श्री गणेशाय नम:, दुर्गा मंत्र दुं दुर्गाय नम:, सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम:, चंद्र मंत्र सों सोमाय नम:, हनुमान मंत्र ऊँ रामदूताय नम:, विष्णु मंत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय, हनुमान चालीसा आदि का जाप कर सकते हैं। ग्रहण पूर्ण होने के बाद स्नान करें और स्नान के बाद जरूरतमंद लोगों में धन-अनाज का दान करें। इस समय में किए गए शुभ कर्म अक्षय पुण्य प्रदान करते हैं।