कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, विजयगढ़ में आधार कार्ड व मतदाता पहचान पत्र में कूटरचित करके नौकरी करने वाली संध्या द्विवेदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश देगी। ऑनलाइन सत्यापन में संध्या के दस्तावेज के पते में अंतर मिलने पर उसकी सेवा समाप्त करके उसके खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वहीं, संध्या से संबंधित दस्तावेज बेसिक शिक्षा विभाग रविवार को पुलिस सौंपेगा।
विद्यालय में सामाजिक विषय पढ़ाने वाली संध्या द्विवेदी होली की छुट्टी लेकर आठ मार्च को अपने घर गई थी। तब से वह अपने घर पर ही है। 13 मार्च को विद्यालय खुल गया, लेकिन संध्या नहीं आई। इसके बाद वार्डन स्नेहा सिंह ने संध्या को फोन करके आने के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि उसकी तबियत अच्छी नहीं है। जैसे ही ठीक होगी, वैसे ही आ जाएंगी।
इसके बाद लॉकडाउन लग गया। इसी बीच प्रदेश भर के कई कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में अनामिका शुक्ला के शैक्षिक अभिलेखों के सहारे फर्जी नौकरी हासिल करने का मामला प्रकाश में आया। इसी क्रम में अलीगढ़ जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली में अनामिका शुक्ला के अभिलेख से नौकरी कर रही बबली यादव पकड़ी गई, जिसे जेल भेज दिया गया।
इसके बाद जिले के 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में सभी शिक्षिकाओं व गैर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के शैक्षिक व अन्य दस्तावेजों का सत्यापन शुरू हो गया। इस ऑनलाइन सत्यापन में संध्या द्विवेदी फंस गईं। थाना विजयगढ़ के थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि शिक्षिका संध्या का पता भोगांव मैनपुरी नहीं, बल्कि कहीं और का है, जिसकी जांच शुरू हो गई है।
रविवार को संध्या द्विवेदी से संबंधित दस्तावेज थाना विजयगढ़ पुलिस को सौंपे जाएंगे। इस मामले में जिसकी लापरवाही होगी, उसे उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
-डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए
देर कर दी ऑनलाइन सत्यापन में
आधार कार्ड व मतदाता पहचान पत्र में फर्जीवाड़ा करने वाली संध्या के दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन करने में बहुत देर कर दी गई, क्योंकि संध्या की नियुक्ति 10 अक्तूबर 2019 में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय विजयगढ़ में हुई थी। दस्तावेज के ऑनलाइन सत्यापन में हेराफेरी पाए जाने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने संध्या की सेवा समाप्त करके उसके खिलाफ 17 जून 2020 को मुकदमा दर्ज करा दिया।
संध्या प्रकरण में किसकी जवाबदेही
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिजौली में अनामिका शुक्ला के नाम व शैक्षिक अभिलेख के सहारे नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिका बबली यादव के मामले में अकाउंटेंट हरीशचंद्र की सेवा समाप्त कर दी गई थी। विद्यालय की वार्डन को कड़ी चेतावनी और बालिका शिक्षा समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक की प्रतिनियुक्ति खत्म करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया था। बबली यादव के मामले में तीनों को कसूरवार माना गया था, जबकि संध्या के मामले में किसको कसूरवार ठहराया जाएगा। यह जांच के बाद पता चल सकेगा। फिर भी यह मामला संध्या का बबली से काफी मिलता-जुलता है।
संध्या से ऐसी उम्मीद नहीं थी: वार्डन
वार्डन स्नेहा सिंह ने कहा कि उन्हें बिल्कुल पता नहीं था कि संध्या द्विवेदी के दस्तावेज में हेराफेरी है। पहले वह एक शिक्षिका के साथ रहती थीं, लेकिन बाद में संध्या मेरे साथ रहने लगी थीं। उन्होंने कहा कि बातचीत, व्यवहार और पढ़ाने-लिखाने में अच्छी थी। जो भी उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाती थीं, उसे लगन के साथ पूरा कर लेती थी।