इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस इंडस्ट्रीज (एसआईडीएम) रक्षा क्षेत्र में आयात घटाने के लिए संकल्पित है।
अलीगढ़ के एमएसएमई क्षेत्र को रक्षा उद्योग से जोड़ने के लिए तालानगरी स्थित एक इकाई में आईआईए के तत्वावधान में एसआईडीएम की बैठक हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि देश के रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण एवं खरीद का आगामी बजट 25000 करोड़ डॉलर है, जिसमें केवल 7500 करोड़ डॉलर का ही देश के उद्योगों का योगदान है। शेष 70 प्रतिशत धन आयात में व्यय हो जाता है। प्रधानमंत्री मोदी का सपना व ध्येय इस परिदृश्य को बदलना है। उन्होंने कहा कि देश में निर्यात में 40 प्रतिशत, जीडीपी में 31 प्रतिशत एवं रोजगार प्रदान करने में 55 प्रतिशत योगदान एमएसएमई क्षेत्र का है। आवश्यकता अपने उद्योगों को तकनीकी रूप से आधुनिक कर विश्वस्तरीय क्वालिटी का बनाना है।
एसआईडीएम के डायरेक्टर जनरल सुनील मिश्रा ने कहा कि अलीगढ़ डिफेंस नोड घोषित हो गया है। हम किसी भी क्षेत्र में रहकर रक्षा सामग्री का निर्माण व आपूर्ति कर सकते हैं और वैश्विक सप्लाई का हिस्सा बन सकते हैं। एसआईडीएम के प्रिंसिपल एडवाइजर जय प्रकाश नेहरा ने कहा कि 90 के दशक तक देश में स्कूटर लेने के लिए भी लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। आज परिदृश्य बिल्कुल बदल गया है। सिडबी भी उद्योग जगत को कम दरों पर ऋण उपलब्ध करा रहा है।
सीआईआई के प्रिंसिपल एडवाइजर एडमिरल पीतमलाल ने कहा कि डीआरडीओ एमएसएमई से मिलकर कार्य करने को इच्छुक है। हमको 2025 तक रक्षा क्षेत्र में निर्यात 35 हजार करोड़ रुपये तक करना है। अमूल्य मोहन ने कहा कि आईआईए की सक्रियता से अलीगढ़ के इतिहास में स्वर्णिम युग आया है। इससे पूर्व आईआईए के चैप्टर चेयरमैन शलभ जिंदल ने यहां किए जा रहे कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मंडलायुक्त गौरव दयाल, उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान, एनएसआईसी के टीएस राजपूत, मनोज कुमार अग्रवाल, मुकेश जिंदल, जितेंद्र गोयल, राजेश अग्रवाल, मनीष बंसल, आलोक झा, आदित्य बजाज, बीडी गुप्ता, स्वप्निल जैन, राजकुमार अग्रवाल, संजय गोयल आदि मौजूद थे।