फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टर डेथ की गवाही पर निर्दोष श्यौराज को हुई थी उम्रकैद

विज्ञापन
डॉक्टर डेथ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कुख्यात डॉ. देवेंद्र शर्मा उर्फ डॉक्टर डेथ। यह नाम अपने जिले और विशेषकर छर्रा क्षेत्र के लिए नया नहीं है। गाहे-बगाहे लोगों की जुबां पर जरायम चर्चा के दौरान इसका नाम आ ही जाता है। बात ज्यादा पुरानी नहीं, दो महीने पहले तक लागू लॉकडाउन के दौरान भी इसे इसके पैतृक गांव पुरैनी में आते-जाते देखा गया। उस समय भी लोगों ने चर्चा की, मगर इसका इस कदर खौफ रहता है कि कोई इसके खिलाफ मुंह खोलने की हिम्मत नहीं उठाता था। बुधवार शाम जब दिल्ली में देवेंद्र की गिरफ्तारी की खबर सुर्खियों में आई तो इसके कर्मों की चर्चा फिर शुरू हो गई।

विज्ञापन

दिलालपुर के श्यौराज की रिहाई में अमर उजाला बना सहयोगी

बात वर्ष 2012 के इर्द-गिर्द की है। अमर उजाला को जानकारी हुई कि बरला क्षेत्र के गांव दिलालपुर के श्यौराज को हरियाणा के पलवल जिले में टैक्सी चालक के अपहरण व हत्या के मुकदमे में उम्रकैद हुई है और वह लंबे समय से जेल में है। यह सजा उसे छर्रा के पुरैनी निवासी कुख्यात अपराधी देवेंद्र की गवाही पर हुई है। देवेंद्र भी उसी मुकदमे में आरोपी है। उसने यही गवाही दी है कि यह श्यौराज उसके साथ था। वहीं श्यौराज की पत्नी सुनीता इस बात का विरोध कर रही थी।

अमर उजाला ने सुनीता की आवाज को उठाया और जिला पुलिस से लेकर प्रदेश पुलिस और हरियाणा पुलिस तक उसकी आवाज को साक्ष्य सहित पेश किया। फिर सीओ स्तर से जांच हुई तो पाया कि देवेंद्र ने अपने किसी अन्य साथी श्यौराज को बचाने की गरज से इस गरीब श्यौराज का नाम लेकर उसे पुलिस से गिरफ्तार कराया। बाद में उसे सजा हो गई। कुल मिलाकर सीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल के रूप में दाखिल हुआ और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में श्यौराज के हक में फैसला देकर उसे 6 साल सजा काटने के बाद बाइज्जत रिहाई का आदेश दिया। आज वह श्यौराज गांव में रह रहा है।
विज्ञापन


लंबे समय से नहीं रहता गांव में, आता रहता है समय-समय पर
देवेंद्र के विषय में बता दें कि वह लंबे समय से गांव नहीं रहता। करीब 30 साल पहले जब उसने कस्बा छर्रा में फर्जी गैस एजेंसी खोली और लोगों को गैस संयोजन दिए। बाद में पता चला कि वह फर्जी है और देवेंद्र पर मुकदमा हुआ। उसके बाद से वह अपराध में नाम कमाता चला गया। इसी बीच उसकी पत्नी ने उससे तलाक दे दिया और कासगंज में जाकर बस गई। बच्चों ने भी साथ छोड़ दिया। गांव में भाइयों ने भी उससे दूरी बना ली। जिसके चलते संपत्ति को लेकर भाइयों से विवाद आज भी चल रहा है।

इलाके के भट्ठों में भी जलाकर मारे जाते थे टैक्सी चालक
देवेंद्र के विषय में 2008 में गुरुग्राम में इसकी गिरफ्तारी के समय में खुलासा हुआ था कि वह हरियाणा, राजस्थान आदि क्षेत्रों से टैक्सी चालकों को भाड़े पर लाता है। उनकी सुआ घूंसकर हत्या कर देता है और उनकी लाशों को कभी कासगंज हजारा नहर में तो कभी अपने क्षेत्र के ईंट भट्ठों में डलवाकर जलवा देता है।

छह साल पहले छर्रा के कारोबारी से मांगी थी रंगदारी
देवेंद्र का नेटवर्क बेहद मजबूत है। बात ज्यादा नहीं छह साल पुरानी है, जब इसने छर्रा के एक सीमेंट कारोबारी से रंगदारी मांगी। जांच में खुलासा हुआ कि कोई व्यक्ति पीसीओ से फोन करता है। आगे पता चला कि देवेंद्र जब हरियाणा की जेल में था और वह पेशी पर आने के दौरान फरीदाबाद स्टेशन के पीसीओ से रंगदारी मांगता था। उसके हाथरस व अतरौली के कुछ गुर्गे कारोबारी की रैकी कर उसे खबर देते थे। बाद में उनकी गिरफ्तारी हुई।

अब लॉकडाउन में देखा गया था गांव में
इसके बाद उसकी सक्रियता कम हो गई। मगर अब लॉकडाउन के दौरान उसे यहां गांव में देखा गया था। फिर अचानक गायब हो गया था। छर्रा पुलिस को उसकी गिरफ्तारी की खबर मिल गई है। उसके यहां के क्राइम रिकार्ड को भी एकत्रित किया जा रहा है।
---
- देवेंद्र हमारे जिले का मूल निवासी है और कई राज्यों में उसने अपराध किए हैं। हमारे जिले के सक्रिय अपराधियों की सूची में उसका नाम शामिल है। उसके क्राइम रिकार्ड को भी संकलित किया जा रहा है। आगे जो कार्रवाई होगी वह की जाएगी।-मुनिराज जी एसएसपी
विज्ञापन

---

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें