फल की दुकान पर दुकानदार के नाम का पोस्टर जांचते क्वार्सी इंस्पेक्टर विजय कांत शर्मा
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सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली समेत प्रदेश के दूसरे इलाकों के बाद 19 जुलाई से अलीगढ़ में भी कांवड मार्ग पर होटल, ढाबे और खानपान के ठेलों पर मालिकों ने अपने नाम लिखना शुरू कर दिया है। प्रशासन के इस आदेश पर शाम से कांवड़ यात्रा मार्ग रामघाट रोड पर दुकानदारों ने दुकानों पर नाम, मोबाइल नंबर आदि लिखने की शुरूआत कर दी है।
एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप रामघाट रोड पर स्थित दुकानों पर मालिकों के नाम, पते, मोबाइल नंबर आदि लिखवाने का अभियान शुरू कर दिया है। संबंधित इलाका पुलिस को इस आदेश का पालन कराने का जिम्मा सौंपा गया है। एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने बताया कि शासन का जो आदेश है उसका पूरी तरह पालन कराएंगे।
दुकानों की पहचान व मालिकों के नाम अंकित करने से किसी को कोई नुकसान नहीं होगा। इससे न केवल लोगों के मन में सुरक्षा की भावना पैदा होगी बल्कि खान-पान में किसी तरह की कमी मिलने, हलाल सर्टिफिकेशन वाले प्रोडक्ट बेचने पर एफएसडीए के स्तर से या अन्य किसी तरह की घटना होने पर कार्रवाई भी की जा सकेगी।
खास बातें
- सावन मास में सोमवार - पहला 22 जुलाई, दूसरा 29 जुलाई, तीसरा पांच अगस्त, चौथा 12 अगस्त, पांचवां 19 अगस्त
- जिले के प्रमुख मंदिर - अचलेश्वर महादेव, मंगलेश्वर महादेव, खेरेश्वर महादेव, श्री सिद्धनाथ भुमियां बाबा आश्रम
- शहर में करीब छोटे-बड़े 1200 मंदिर व शिवालय हैं
- जिले भर में पांच हजार से अधिक मंदिर व शिवालय हैं
- सावन मास में हरिद्वार, ऋषिकेश, गढ़मुक्तेश्वर, रामघाट रोड पर नरौरा, रामघाट, राजघाट, सांकरा आदि स्थानों से हजारों की संख्या में शिवभक्त लेकर आते हैं कांवड।
- पिछले कुछ सालों में भक्तों में बढ़ा है डाक कांवड़ लाने का चलन
- कांवड लाने वाले अधिकांश भक्त मथुरा, भिंड, मुरैना, भरतपुर, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के होते हैं
- जिले के शिवभक्त भी बड़ी संख्या में लाते हैं कावंड। पहले शिवरात्रि पर ही कांवड का चलन था
- जिला प्रशासन ने रामघाट रोड पर बोर्ड लगवाना शुरू किए, आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई
- कांवड़ मार्ग पर मंदिरों पर सुरक्षा के रहेंगे कड़े बंदोबस्त, सोमवार को शहर में भारी वाहन का प्रवेश बंद