पिसावा नगर पंचायत में वार्ड के रूप में ग्राम पंचायत रूपनगर को शामिल किया गया है। यहां ग्राम पंचायत का भी चुनाव हो चुका है, फिर भी परिसीमन में इसे वार्ड के रूप में शामिल किया गया है। इस मामले में डीपीआरओ व ईओ की लापरवाही सामने आने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, जिले की नवसृजित सात नगर पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रस्ताव को शुक्रवार को शासन को भेजने की तैयारी है। अक्तूबर-नवंबर में निकायों का कार्यकाल पूरा हो रहा है।
जिले की नवसृजित मडराक, टप्पल, चंडौस, पिसावा, बरौली, जवां- सिकंरदपुर व गभाना समेत सात नगर पंचायतों में परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है। एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने बताया कि एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने बताया पिसावा नगर पंचायत के गठन के समय वार्ड के तौर पर रूप नगर को शामिल किया गया था। इसके बाद भी संबंधित ईओ व डीपीआरओ ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद यहां ग्राम पंचायत का चुनाव भी संपन्न हो गया। रूपनगर को पिसावा नगर पंचायत में शामिल करने के लिए लगातार ग्रामीण मांग करते चले आ रहे थे। क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री अनूप प्रधान ने इस मामले को शासन में रखा तो वहां से इसकी जांच कराई गई। नए परिसीमन में रूपनगर को वार्ड के रूप में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि लापरवाही बरतने पर ईओ व डीपीआरओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने बताया कि नवसृजित नगर पंचायतों में परिसीमन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शासन से निर्देश हैं कि एक पंचायत में न्यूनतम 10 वार्ड बनाए जाएं। इसी के हिसाब से प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इस प्रस्ताव को शुक्रवार को शासन में भेज दिया जाएगा।