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अलीगढ़ : चार सौ साल पुरानी पोखर पर अवैध कब्जा, लिखा प्लॉट बिकाऊ है

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तालाब पर लोगों ने कब्जा कर लिका प्लाट बिकाऊ है। - फोटो : CITY OFFICE
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जवां ब्लॉक के गांव जवां बाजिदपुर में 400 साल पुरानी पोखर की जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। आलम यह है कि पोखर की 1600 बीघा जमीन में से मात्र 10 बीघा जमीन भी नहीं बची है। कई पूर्व ग्राम प्रधानों ने अपने चहेतों को यहां पर पट्टे काट दिए हैं तो कुछ लोगों ने भी इसका फायदा उठाते हुए जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान और दुकान बना लिए हैं। इतना ही नहीं, कई जगहों पर प्लॉट बिकाऊ के बोर्ड भी लगा दिए हैं।
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जवां ब्लॉक में 50 से अधिक बड़ी पोखर हैं। इनमें सबसे बड़ी पोखर गांव जवां बाजिदपुर की है। बताते हैं कि 400 साल पहले नागौर (शिव) मंदिर की स्थापना के साथ-साथ यह पोखर बनाई गई थी। 25 साल पहले तक इस पोखर का स्वरूप पहले की तरह था, लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे लोगों ने कब्जे करने शुरू कर दिए। पूर्व के प्रधानों ने किसी को खेती के लिए तो किसी को मकान बनाने के लिए जमीन आवंटित कर दी। कुछ लोगों ने इस जमीन को पैतृक बताकर बेचना शुरू कर दिया है। ग्राम पंचायत खत्म होने के कारण अब यह जमीन नगर पंचायत जवां में शामिल हो गई है। आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि पांच साल पहले तक इस पोखर के बीच के हिस्से में काफी पानी भरा होता था। सर्दियों के दिनों में विदेशी परिंदे भी यहां आया करते थे, जिनको देखने के लिए अलीगढ़ के अलावा आसपास के पक्षी प्रेमी पहुंचते थे लेकिन अब तो देसी पक्षी ही सर्दियों के दिनों में आते हैं।
- 400 साल पुराने नागौर मंदिर से लगी इस पोखर की जमीन पर धीरे-धीरे कब्जे होते चले गए। लोगों ने प्लॉट बिकाऊ के बोर्ड तक लगा दिए हैं। इस बारे में जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे. से शिकायत की गई है। इस पर उन्होंने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। - सुबोध नंदन शर्मा, पर्यावरणविद
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गांव जवां बाजिदपुर की पोखर पर अवैध कब्जे के बारे में जानकारी नहीं है। इस मामले में मिली शिकायत के आधार पर जांच कराने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
- गजेंद्र पाल सिंह, तहसीलदार, कोल
- हमने बचपन से इस पोखर को देखा है, पहले बड़े स्वरूप में थी। यहां पांच साल पहले तक विदेशी परिंदे आते थे लेकिन अब पोखर में बहुत कम पानी रह गया है। इस कारण विदेशी परिंदे नहीं आते हैं।
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- यतेंद्र कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य, राजी देवी पब्लिक स्कूल ,जवां
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