- 21 मार्च 2015 को 3 माह बाद स्टेट स्वामी कुंवर हवेली पहुंचे
- 22 मार्च 2015 को उनके द्वारा चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया
- 2015 अगस्त में इस मुकदमे की जांच क्राइम ब्रांच को दी गई
- 2018 जून माह में पुलिस ने साक्ष्य न मिलने पर एफआर लगा दी
ये गया चोरी
11 एंटिक विदेशी हथियारों में 7 लाइसेंसी व 4 ऐसे हथियार जिन्हें लाइसेंस की जरूरत नहीं थी। 500 ग्राम सोना जडि़त दो व चांदी जडि़त पांच बेशकीमती विदेशी ट्रॉफियां, चांदी के बर्तन-सिक्के व जेवरात।
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लगाया था निजी जासूस भी
यादवेंद्र सिंह ने अपनी परिचित सपा सांसद जया बच्चन संग उस समय मुलायम सिंह यादव, तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, डीजीपी, गृह मंत्री से निजी तौर पर मुलाकात की। अंदेशा जताया है कि पुलिस को इस युवक के जरिये चोरी गए सभी हथियारों व जेवरातों की भी जानकारी हो गई, मगर जानबूझकर यह माल आज तक बरामद नहीं कराया जा रहा। इसे लेकर दिल्ली की एक निजी जासूस कंपनी का एजेंट भी लगाया गया, मगर वह भी कोई मदद न कर सका।
इसलिए भी पुलिस ने साधी चुप्पी
इस मामले में एक मुकदमा हवेली के मुंशी परिवार पर यादवेंद्र सिंह ने धमकाने का कराया। इसमें कहा था कि वे चोरी के बाद इलाके में आए थे, तो मुंशी व उसके परिवार ने यह कहते हुए धमकाया था कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। हालांकि इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी। बाद में मुंशी परिवार ने खुद के उत्पीड़न का आरोप लगाकर मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर दी। इस पर पुलिस के खिलाफ सीबीसीआईडी जांच के आदेश हुए। इसके चलते पुलिस ने मुकदमे में चुप्पी साध ली।