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कोतवाली गोलीकांड: फरार दरोगा की पश्चिमी यूपी में तलाश, घायल महिला कोमा में, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी जांच

Sun, 10 Dec 2023 12:30 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

दरोगा की लापरवाही से .9 एमएम सर्विस पिस्टल से चली गोली महिला का माथा चीरते हुए निकल गई। पुलिस व बेलेस्टिक की अब तक की जांच में ये बात उजागर हुई है। महिला फिलहाल कोमा में है। मगर उसे सुबह हल्का होश आया था, जिसके चलते आंशिक सुधार होना माना जा रहा है।
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मेडिकल में घायल महिला इशरत के तीमारदार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर के ऊपरकोट कोतवाली के मुंशियाने में 8 दिसंबर दोपहर गोली लगने से जख्मी महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। इस गोलीकांड के आरोपी दरोगा की तलाश में पुलिस की टीमें पश्चिमी यूपी के कई जिलों में दबिश दे रही हैं। प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी तरह से दरोगा को गिरफ्तार किया जाए। साथ में गैर जमानती वारंट के लिए भी न्यायालय में आवेदन किया गया है। डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश जारी करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को जांच का जिम्मा सौंपा है। 

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फरार दरोगा की तलाश पश्चिमी यूपी में
दरोगा की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों को लगाया गया है। जो दरोगा के छिपने के संभावित ठिकाने आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, एनसीआर आदि में लगातार दबिश दे रही हैं। हालांकि शुरुआत में सूचना थी कि दरोगा यहां चौकी परिसर में ही बेटी व पत्नी के साथ रह रहा था। मगर इसकी पुष्टि नहीं हुई। दरोगा के परिवार के मेरठ में होने की पुष्टि हो रही है। इस लिहाज से पुलिस टीमें संभावित ठिकानों, रिश्तेदारियों तक में दबिश दे रही हैं। लगातार गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वहीं थाना स्तर से न्यायालय में गैर जमानती वारंट का आवेदन किया गया है। 

एक सप्ताह में मांगी मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट
इस प्रकरण में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने जिला मजिस्ट्रेट इंद्र विक्रम सिंह से घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के लिए अनुरोध किया था। जिस पर जिला मजिस्ट्रेट ने नगर मजिस्ट्रेट रामशंकर को नामित करते हुए निर्देशित किया है कि वह अपनी मजिस्ट्रीयल जांच एक सप्ताह में पूरी कर उसकी रिपोर्ट दें।
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माथे को चीरते हुए निकली .9 एमएम की गोली, महिला कोमा में
दरोगा की लापरवाही से .9 एमएम सर्विस पिस्टल से चली गोली महिला का माथा चीरते हुए निकल गई। पुलिस व बेलेस्टिक की अब तक की जांच में ये बात उजागर हुई है। महिला फिलहाल कोमा में है। मगर उसे सुबह हल्का होश आया था, जिसके चलते आंशिक सुधार होना माना जा रहा है। दिन में परिवार से दो यूनिट ब्लड भी मांगा गया था। डॉक्टर अभी हालात को देखते हुए इंतजार के मूड में हैं। मगर परिवार अब यहां के उपचार से सतुष्ट नहीं है। वह महिला को दिल्ली आदि किसी हायर सेंटर पर ले जाने का मन बना रहा है।

महिला माथे में गोली लगने से जख्मी है। अब तक की जांच के अनुसार महिला के दिमाग का आधा हिस्सा व उसी साइड का आधार शरीर बिल्कुल काम नहीं कर रहा। उसी वजह से महिला कोमा में है। सबसे अच्छी बात ये है कि गोली आरपार निकल गई। अगर फंसी होती तो शायद ज्यादा चिंता का विषय होता। हालांकि सुबह महिला के शरीर ने कुछ होश जैसी स्थिति में रिएक्शन किया था। मगर उसके बाद से स्थिर है। इसे डॉक्टर अच्छे संकेत मान रहे हैं। मगर उसके बाद डॉक्टरों ने दो यूनिट ब्लड परिवार से मांगा। फिर इंतजार करने की स्थिति में पहुंच गए। चकित्सकों की विशेष टीम उनका उपचार में लगी है, जिसमें न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेँट, मेडिसिन डिपार्टमेंट, सर्जरी डिपार्टमेंट समेत कई महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हैं। चिकित्सकों की मानें तो उनके शरीर का एक हिस्सा पूरी तरह सुन्न है। लेकिन प्रयास किया जा रहा है कि पूरा शरीर जल्द ही मूवमेंट करने लगे। दिन में कई बार सिटी स्कैन भी कराया गया। मगर कोई हालात न बदलने पर कोमा माना जा रहा है।

वो जो बुलाया था, बाल-बाल बच गया

इस घटना की शनिवार को कोतवाली परिसर व आसपास के इलाके में जबरदस्त चर्चा रही। इस दौरान एक चाहत नाम के पुलिस मित्र का नाम खूब सुर्खियों में रहा। वह दरोगा के बेहद खास है। उसे दोपहर में दरोगा ने फोन कर थाने बुलाया था, मगर वह सोता रह गया। इसलिए उस समय तक थाने नहीं पहुंच पाया। अगर वह थाने पहुंचता तो शायद उस समय मुंशियाने में मौजूद होता। उसने इस बात का जिक्र किया कि अगर वहां होता तो शायद वह इस गोली का निशाना बन सकता था।



मॉनीटरिंग पर सवाल..सत्यापन के लिए थाने-चौकी बुलाना आम बात
कोतवाली में हुई घटना तो एक उदाहरण है। मगर थाना व चौकी स्तर पर सत्यापन के नाम पर आम लोगों को बुलाना आम बात है। सबसे बड़ी बात ये है कि इन दिनों पुलिस द्वारा महिला सम्मान के लिए ऑपरेशन जागृति चलाया जा रहा है। बावजूद इसके महिलाओं को इस तरह बुलाया जाता है। उनके मान सम्मान का कतई ध्यान नहीं रखा जाता और इसी तरह बुलाए जाने पर एक महिला एक इत्तेफाकिया दुर्घटना में जिंदगी और मौत से जूझने को मजबूर है। मगर निचले स्तर पर हो रही लापरवाही व अनियमितता पर अफसरों का मौन समझ से परे है।

पुलिस स्तर से पासपोर्ट, हथियार से लेकर अन्य किसी भी तरह के सत्यापन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था है। आवेदन करने पर उसे संबंधित थाने व चौकी पर भेजा जाता है। वहां से हल्का प्रभारी व बीट प्रभारी आवेदक को फोन करते हैं। उससे उसके घर आने का समय मांगते हैं। जब वे समय दे, तब वहां पहुंचते हैं। उसका सत्यापन करने के बाद रिपोर्ट लगाकर देते हैं। पता, आम शौहरत के सत्यापन की रिपोर्ट लगाकर देते हैं। अगर कोई आपराधिक रिकार्ड होता है तो उसको भी दर्ज कर रिपोर्ट लगाई जाती है। मगर यहां रिपोर्ट लगाने के नाम पर चंद रुपयों की खातिर बिना थाने बुलाए ये सब नहीं किया जा रहा। जबकि इसकी एक मॉनीटरिंग व्यवस्था है। कितने आवेदन थाना चौकी स्तर पर लंबित हैं। उनके सत्यापन व रिपोर्ट लगाने की मॉनीटरिंग वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है। मगर यहां की व्यवस्था पर इस घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है।
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पति हैं बीमार, रमजान में थी हज जाने की तैयारी

इस घटना में परिवार से मिली जानकारी पर उजागर हुआ है कि महिला का पति पिछले कई वर्ष से बीमार है और बिस्तर पर है। महिला द्वारा अबकी बार रमजान में हज पर जाने का मन बनाया गया था। इसी के लिए पासपोर्ट आवेदन किया गया था। मगर अब शायद ही वह हज पर जा पाए।

विभागीय जांच के लिए देखे जा रहे पुराने कृत्य
जिला पुलिस ने दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच के लिए कई पत्रावली खोल दी हैं। जिसमें लापरवाही, अनुशासन व मुकदमा संबंधी पत्रावली खोली जा रही हैं। इसमें दरोगा के पुराने अनुशासन संबंधी कृत्य भी देखे जा रहे हैं। जिसमें दरोगा द्वारा गाली दिया जाने का वीडियो, आगरा में निलंबन आदि पर ध्यान दिया जा रहा है।

विपक्षी दलों ने गिरफ्तारी को बनाया मुद्दा..सियासी लोगों का तांता
इस घटना के बाद पुलिस बेहद सतर्क है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। मगर राजनीतिक दल भी पीछे नहीं है। विपक्षी दलों ने घटना में दरोगा की गिरफ्तारी को मुद्दा बनाते हुए पुलिस व सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने जहां मामले की जांच व आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक प्रतिनिधि मंडल का गठन किया है। वहीं सपा के पूर्व विधायक ने डीजीपी से मिलना तय किया है। इधर, बसपा नेता दिन भर परिवार के साथ सक्रिय दिखाई दिए हैं। जख्मी महिला का हाल चाल जानने के लिए शनिवार को सपा के पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव विवेक बसंल, प्रदेश महासचिव परवेज खां, राजेश राज जीवन, बसपा के मेयर प्रत्याशी रहे सलमान शाहिद आदि तमाम नेता पहुंचे। 


बाजार खुला, सामान्य रहे हालात
कोतवाली में घटना के बाद 8 दिसंबर को बाजार को बंद करा दिया गया था। सीओ प्रथम अभय पांडेय ने कई थानों के अमले के साथ पहले 8 दिसंबर की शाम फिर 9 दिसंबर सुबह बाजार खुलवाया। दुकानदारों को समझाया गया। बताया गया कि बाजार बंद होने शहर में एक गलत संदेश जाता है। महिला की हालत में धीरे धीरे सुधार हो रहा हे। हालात भी पूरी तरह सामान्य है तो फिर बाजार बंद करने की क्या जरूरत है। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद दुकानदारों ने बाजार खोला। फॉरेंसिक टीम को मौके पर मिले खोखा को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस मित्रों व एसपीओ स्तर से निगरानी के साथ बाजार में पुलिस बल भी सक्रिय रखा गया।
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