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नई कबाड़ नीति : पुराने वाहन स्वामी आरटीओ कार्यालय के लगा रहे चक्कर

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से एक फरवरी को पेश किए गए आम बजट में नई कबाड़ नीति की घोषणा के बाद से जिले के 109270 वाहन स्वामी असमंजस में हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उनका वाहन सड़क पर दौड़ेगा या फिर हटा दिया जाएगा। इसके चलते लोग अपने पुराने वाहनों का नवीनीकरण नहीं करा रहे हैं और जानकारी करने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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नई कबाड़ नीति एक अप्रैल से लागू होने जा रही है। अभी तक इसकी स्पष्ट गाइडलाइन विभाग को नहीं मिली हैं। बीते रविवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इतना साफ किया था कि 20 साल से अधिक निजी व 15 वर्ष से अधिक पुराने व्यवसायिक वाहनों को कंपनी में जमा कर नया वाहन खरीदने पर पांच फीसदी की रियायत मिलेगी। मगर, पांच फीसदी रियायत किस आधार पर मिलेगी, अभी यह स्पष्ट नहीं है। इस नई नीति के दायरे में 20 साल पुराने निजी व 15 साल पुराने व्यावसायिक वाहनों आ रहे हैं। जिले में 101998 निजी वाहन 20 साल पुराने हैं। 7272 वाहन व्यावसायिक हैं, जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं। आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि नई कबाड़ नीति की स्पष्ट गाइड लाइन का इंतजार है।
फरवरी में 342 वाहनों का ही हुआ रिन्यूअल
नई स्क्त्रस्ैप नीति को लेकर सबसे अधिक हलचल 20 साल से अधिक पुराने वाहनों के स्वामियों के मन में है। इसका नतीजा यह है कि लोग अपने वाहनों का पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। एक फरवरी को हुए बजट में एलान के बाद जिले में सिर्फ 88 निजी कार और 254 बाइकों का ही लोगों ने 15 वर्ष की अवधि पूरी होने पर पंजीकरण नवीनीकरण कराया है। जबकि इस एलान से पहले औसतन हर माह 450 से 500 वाहनों का पंजीकरण नवीनीकरण का काम होता था।
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जिले में 20 साल पुराने निजी वाहन
मोपेड 13117
मोटर साइकिल 67811
कार 5148
ट्रैक्टर 15922
जिले में 15 साल पुराने व्यावसायिक वाहन
ट्रक 5052
बस 1044
तीन पहिया 1089
ट्रैक्टर 50
एंबुलेंस 16
ट्रेलर 4
मैक्सी कैब 4
कैश वैन 4
क्रेन 4
मोटर कैब 28
अन्य वाहन 4
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