वार्ड 48 राम नगर में गली में भरे पानी में होकर निकलती छात्राएं
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अलीगढ़ का यूं तो यह इलाका स्मार्ट सिटी का हिस्सा है। लेकिन यहां के बच्चों को स्कूल जाने के लिए भी कीचड़ और पानी को पार करना होता है। ड्रेस भी गंदी हो जाती है। बरसात के दिनों में कई बार तो इन रास्तों पर इतना पानी भर जाता है कि बच्चों को वापस घर लौटना पड़ता है। लेकिन नगर निगम प्रशासन फिर भी आंखें मूंदे है। जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं देते।
ये गांव हुए थे नगर निगम में शामिल
सिंधौली, अली नगर, पानखानी, भदेशी माफी, पड़ियावली, रुस्तमपुर, सकत खां, नगला मंदिर, हाजीपुर चौहट्टा, दौलारा, निरपाल, खेड़िया ख्वाजा बुजुर्ग, भकरौला, आसना, बढ़ोली फतेह खां, सुखरावली, देवसैनी, तालसपुर, धनीपुर, असदपुर कयाम, महेशपुर, (आंशिक) मंजूरगढ़ी, (आंशिक), रामगढ़ पंजीपुर (आंशिक), क्वार्सी, धौर्रामाफी, बरौला जाफराबाद, सारसौल, एलमपुर गड़िया, अलापुर गड़िया, अशरफपुर जलाल, रोरावर, मुल्लापाड़ा भुजपुरा, दौलताबाद, पला साहिबाबाद, गंभीरपुरा, किशनपुर।
वार्ड : नंबर 16 सराय हरनारायण
आबादी : 9 हजार
इलाके में जितना कार्य होना चाहिए, उतना नहीं हो पाया है। विकास की दरकार है।-आजाद सूर्यवंशी, पार्षद
बारिश से जलभराव हो जाता है। आने-जाने में काफी दिक्कतें होती हैं। समस्या का समाधान होना चाहिए।-विकास वर्मा