इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में बढ़ोतरी हो जाएगी। जिले में वर्तमान में पेट्रोल के रेट 95 रुपये 90 पैसे के आसपास हैं। ऐसे में ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। जनपद में औसतन प्रति माह 100 ई-रिक्शा व स्कूटी बिक रहे हैं।
एक बार में 20 हजार रुपये तक निवेश कर लोग पेट्रोल के झंझट से मुक्ति पाना चाहते हैं। विभिन्न बैंकें नौकरीपेशा लोगों को शून्य भुगतान पर मासिक किस्तों पर ई-स्कूटी उपलब्ध करा रहे हैं। जिले में वर्तमान में लगभग तीन हजार ई-स्कूटी पंजीकृत हैं। पंजीकरण के बिना लगभग दस हजार ई-स्कूटर दौड़ रहे हैं। जनपद में पंजीकरण वाले 1500 ई-रिक्शा हैं। जबकि 15 हजार ई-रिक्शा पंजीकरण के बिना चल रहे हैं। इस तरह जनपद में अब तक लगभग 29 हजार 500 इलेक्ट्रिक व्हीकल चल रहे हैं। जनपद में अभी लगभग तीन फीसदी की दर से इन वाहनों की संख्या बढ़ रही है। औसतन प्रति माह 100 ई-रिक्शा व स्कूटी बिक रहे हैं। ई-व्हीकल चला रहे लोगों का कहना है कि बचत का बेहतर विकल्प ई-व्हीकल हैं, क्योंकि 80 से 90 हजार रुपये तक की ई-स्कूटी खरीदकर 14 रुपये में 120 किलोमीटर तक चल सकते हैं। जबकि गारंटी और सर्विस फ्री मिलती हैं। ई-स्कूटी की सर्विस भी अधिक महंगी नहीं है। 250 से साढ़े 300 रुपये के बीच सर्विस हो जाती है।
- आने वाला समय ई-वाहनों का ही है। ये एक अच्छी शुरुआत है। ई-वाहनों के मॉडलों में व्यापक स्तर पर सुधार हो रहा है। इसीलिए लोग इनकी तरफ आकर्षित हो रहे हैं। इनका प्रयोग सरल और सहज है। साथ ही खर्चा भी कम है। - केडी सिंह गौर, आरटीओ।
लगातार बढ़ रहीं पेट्रोल की कीमतें लोगों का बजट गड़बड़ा रही हैं। ऐसे में लोग अब ई-व्हीकल की तरफ रुख करने लगे हैं। लोग कम खर्च में अधिक सफर करने के लिए ई-स्कूटी को खासा पसंद कर रहे हैं। - सुरेंद्र पाल सिंह, सेल्स मैनेजर, जट्टारी ऑटो सेल्स।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल पर लोगों का खासा रुझान है। 2018 से लगातार ग्राहक स्कूटी मांगते हैं। हम डिमांड भी पूरी नहीं कर पाते हैं। इनके मॉडल और फंक्शन लगातार अपडेट भी हो रहे हैं। -दीपक अग्रवाल, शिव सागर ऑटोमोबाइल्स।
- पंजीकृत ई-स्कूटी 3000
- अपंजीकृत ई-स्कूटी 10000
- पंजीकृत ई-रिक्शा 1500
- अपंजीकृत ई-रिक्शा 15000