घायल मीट व्यापारी से वार्ता करते ऑल इंडिया जमीयत उल क़ुरैश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हाजी यूसुफ़ क़ुरैशी
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अलीगढ़ के हरदुआगंज क्षेत्र में मीट व्यापारियों संग हुई घटना के बाद मीट के परिवहन के कायदे तय कर दिए गए हैं। अब सामने आ रहा है कि अधिकांश मामलों में जिले में मीट का परिवहन मात्र तिरपाल से ढक कर किया जा रहा था। जबकि दूसरे शहरों के लिए आपूर्ति नियमानुसार इंसुलेटेड वाहनों से होती है।
एक दर्जन वाहन जिले में भरते फर्राटा
भाजपा सरकार बनने के बाद खुले में कट्टी बंद कर दी गई। इसके बाद नियम तय हुआ कि अब छोटे मीट विक्रेता मीट इकाइयों में अपना मीट कटवाकर दुकान पर ले जाकर बेचेंगे। इसके लिए वे इंसुलेटेड वाहनों का प्रयोग करेंगे। प्रदूषण व आरटीओ विभाग के स्तर से निगरानी होगी। मगर जिले में एक दर्जन लोडर वाहन शहर के बाहर कस्बों में तिरपाल से ढककर माल इधर से उधर लेकर फर्राटा भरते हैं। यही पांच दिन पहले बवाल का कारण बने।
बवाल में आरोपियों की धरपकड़ जारी, कई हिरासत में
बवाल में शामिल आरोपियों की पहचान के प्रयास में जुटी टीमों के द्वारा लगातार लोगों की पहचान के प्रयास हो रहे हैं। एसपी देहात कहते हैं कि आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास जारी हैं। किसी को भी बिना पहचान के नहीं बुलाया जा रहा। अब तक इस मुकदमे में से अलहदादपुर के पूर्व प्रधान अर्जुन सिंह भोलू का नाम हटा दिया गया है। चूंकि वह घटनास्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर ही मामले को शांत करने के लिए बुलाए गए थे। बाकी नामों पर अभी जांच जारी है।
पशु व्यापारियों की लापरवाही की हो रही जांच
पशु व्यापारियों पर दर्ज कराए गए मुकदमे का भविष्य जांच के बाद तय होगा। फिलहाल मथुरा से आई रिपोर्ट के आधार पर गोवध निवारण अधिनियम की धारा हटा दी गई है। मांस को ले जाने में किस तरह की लापरवाही की गई। इस पर मीट कंपनी से लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व आरटीओ आदि से विवरण लिया जा रहा है। इसके आधार पर मुकदमे का भविष्य तय होगा। अगर किसी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाई जाएगी तो मुकदमा लापरवाही की धाराओं में रहेगा।