कोरोना के बढ़ते प्रभाव ने संभागीय परिवहन कार्यालय के कामकाज को फिर से बंदी के कगार पर ला दिया है। आज से 14 अगस्त तक अस्थायी (लर्निंग) लाइसेंस बनने का काम बंद रहेगा। इस अवधि के स्लॉट बुक करा चुके आवेदकों को सितंबर में समय दिया जाएगा। उनकी फीस को समायोजित कर लिया जाएगा। आरटीओ कार्यालय में अब सिर्फ - रिन्यूअल, डुप्लीकेट और स्थायी लाइसेंस बनने सहित वाहन ट्रांसफर, फिटनेस परमिट, पंजीकरण का काम जारी रहेगा।
एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया कि कोरोना के चलते शासन ने 200 लर्निंग लाइसेंस के स्लॉट बुकिंग को घटाकर पहले ही 40 कर दिया था। अब इसे भी 14 अगस्त तक बंद कर दिया गया है। अवधि में जिन लोगों ने भी स्लॉट बुक करा रखे हैं। उनको सितंबर में समय दिया जाएगा। उनसे नए आवेदन की कोई फीस नहीं ली जाएगी। पहली फीस को ही समायोजित किया जाएगा।
दलालों के स्लॉट बुकिंग के खेल से जनता परेशान
लाइसेंस लेने वालों की बढ़ती भीड़ देख दलालों ने स्लॉट बुकिंग का रास्ता खोज लिया है। दो माह की स्लॉट बुकिंग का डर दिखाकर दलाल आवेदकों से मोटा पैसा ऐंठते हैं और ऑनलाइन व्यवस्था होने का फायदा उठाते हुए रात 12 बजते ही ऑनलाइन सक्रिय हो जाते हैं। रात में ही स्लॉट ऑनलाइन बुक करके दलाल शांत हो जाते हैं। सुबह होते-होते जब आमजन बुकिंग के लिए टाइम स्लॉट खोजता है तो पता चलता है कि सब बुक हो चुका है।
वाट्सएप पर पता प्रमाणपत्र मंगा करते हैं रात में ऑनलाइन अपलोड
दलाल आवेदकों से स्लॉट बुकिंग दो माह बाद मिलने का हौव्वा दिखा उनसे मोबाइल से वाट्सएप पर कागज मंगा लेते हैं। भीड़ देखकर परेशान आवेदक उन्हें मुंहमांगा पैसा देकर डीएल में प्रयोग होने वाले जरूरी कागजात उन्हें मुहैया करा देता है। वर्तमान में दलाल इस काम के लिए एक से डेढ़ हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया की स्लॉट बुकिंग के खेल की जानकारी मिली है। चूंकि व्यवस्था ऑनलाइन है, लिहाजा इस पर कोई भी आवेदन कर सकता है। मौजूदा वक्त में जुर्माना बढ़ने से अचानक लोगों की आमद बढ़ी है। इस सिलसिले में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। एनआइसी से वार्ता कर इस खेल को रोकने के लिए सख्त रास्ता तत्काल निकाला जाएगा।