जेएन मेडिकल कॉलेज में चार दिन पहले मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने को लेकर दलालों में हुए टकराव के मामले में सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शान मियां सहित दो लोगों को बुधवार को जेल भेज दिया गया। इस दौरान शान मियां के तमाम समर्थक थाने से कोर्ट तक साथ रहे। इस दौरान जमानत के भी प्रयास हुए। इधर, सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक ने भी शान मियां से मुलाकात की।
मेडिकल में चार दिन पहले मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने को लेकर दलाल भिड़ गए थे। इस मामले में सपा नेता शान मियां का धमकी देने का वीडियो और ऑडियो भी वायरल हुआ था। अमर उजाला ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इस मामले में सिविल लाइंस पुलिस ने धौर्रामाफी के एंबुलेंस चालक शादान की तहरीर पर धौर्रामाफी के सपा नेता शान मियां पर मुकदमा दर्ज किया और गिरफ्तार किया। साथ ही शान मियां की तहरीर पर शादान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों ने एक दूसरे पर रंगदारी मांगने के आरोप लगाए। बुधवार को दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस प्रमेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है। बता दें कि इनमें से शान मियां खुद एक नर्सिंग होम का संचालक है। इसलिए मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने मरीजों और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए ऐसे निजी नर्सिंग होम की एनओसी रद्द करने की मांग की है।
दलालों की भिडंत के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनको न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
-मुनिराज जी, एसएसपी