रिंकू सिंह ने दोपहर में बड़ी भाभी आरती से कहा कि भगवान से प्रार्थना करें कि वह भारतीय टीम में चुन लिए जाएं। शाम होते-होते रिंकू सिंह के नाम पर चयनकर्ताओं की नजरें टिकने लगीं और वह आयरलैंड के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुन लिए गए। आरती ने कहा कि भगवान ने उनकी प्रार्थना सुन ली।
भारतीय टीम में चुने की खबर पहले रिंकू ने दी भाई को
रिंकू सिंह ने भारतीय टीम में चुने जाने की खबर सबसे पहले अपने बड़े भाई सोनू सिंह को दी। फिर, अपने घरवालों को यह खुशखबरी सुनाई। सोनू ने कहा, रिंकू की मुंह से यह बात सुनते ही वह खुशी से झूम उठे। सोनू ने कहा कि मां बोलीं- रिंकू का चयन कहां हो गया है? उन्हें बताया कि वह अब विदेश खेलने जाएंगे। यह सुनते ही खुश हो गईं। पापा तो खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। सोनू ने कहा कि वह रिंकू अच्छा खेले। अलीगढ़ और देश का नाम रोशन करे। यही उनकी उससे कामना है।
पांच छक्के ने बदली किस्मत
रिंकू सिंह की गुजरात टाइंटस के खिलाफ पांच गेंदों पर लगातार पांच छक्के ने किस्मत बदल दी। आईपीएल में खेली गई शानदार पारी की बदौलत उन्हें दलीप ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन, फिर एशियन गेम्स में भारतीय टीम, देवधर ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन टीम चुना गया। अब आयरलैंड के खिलाफ भारतीय टीम में चुना गया है। केकेआर के खिलाड़ी रिंकू सिंह 12 जुलाई को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने आए थे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर इससे जुड़ी अपनी कुछ तस्वीरें अपलोड करके लिखा था-“श्री बांके बिहारी लाल की जय”। 14 जुलाई को भारतीय टीम में वह शामिल हो गए।
दो नंबर की जर्सी में दिख सकते हैं रिंकू
आयरलैंड के खिलाफ रिंकू सिंह दो नंबर की जर्सी में दिख सकते हैं। वह आईपीएल में 35 नंबर की जर्सी पहनकर खेलते हैं। इस नंबर की जर्सी में उन्होंने कई शानदार पारी खेली है। रिंकू ने वर्ष 2012 में स्कूल क्रिकेट वर्ल्ड कप में डीपीएस की ओर खेलते हुए 35 नंबर की जर्सी पहनी थी। वर्ल्ड कप में रिंकू का बल्ला खूब गरजा था। शानदार बल्लेबाजी के चलते उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट भी मिला था। पंजाब किंग्स के खिलाफ जीत के लिए केकेआर को एक गेंद पर दो रन की दरकार थी। ईडन गार्डंस कोलकाता में आखिरी गेंद पर रिंकू ने चौका जड़कर मैच जीत लिया।
रिंकू सिंह की मां बीना देवी ने कहा कि रिंकू सिंह लगातार उनका सिर ऊंचा कर रहा है। उस पर उनको अभिमान है।
क्या कहूं, बेटा कह रहा है : पिता
रिंकू सिंह के पिता खानचंद ने कहा कि रिंकू लगातार मान बढ़ा रहा है। मैं कुछ नहीं कहूंगा, बेटा कह रहा है।
16 साल की उम्र में ही यूपी की टीम से जुड़ गए थे रिंकू
2014 में प्रथम श्रेणी के शुरुआती मैच में ही रिंकू ने यूपी के लिए सबसे ज्यादा 83 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2016 में रिंकू यूपी की रणजी टीम से खेलने लगे थे। 2018-19 के रणजी सत्र में उन्होंने यूपी के लिए 10 मैचों में 953 रन बनाकर इस बात के संकेत दे दिए थे वह लंबी रेस के घोड़े हैं।
पिता ढोते हैं गैस सिलिंडर
अलीगढ़ में स्वर्ण जयंती नगर को जाने वाली गली में ही इंडेन का गैस गोदाम है। इसी गोदाम के क्वार्टर में रिंकू सिंह बचपन बीता है। रिंकू के पिता खानचंद गैस सिंलिडर घरों में पहुंचाने का काम हैं। रिंकू सिंह ने उन्हें यह काम छोड़ने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने कहा, तुम अपना काम करो, मैं अपना काम। खेल प्रेमी अर्जुन सिंह फकीरा ने 11 साल की उम्र में रिंकू के खेल को पहचाना था। यहीं से रिंकू के क्रिकेटर बनने की नींव पड़ी।
जीशान ने की मेरी मदद : रिंकू
भारतीय टीम में चुने गए रिंकू सिंह ने कहा कि मेहनत से लगातार ऊंचाइयां छू रहे हैं। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने खूब मेहनत की है। उनके परिवारजनों के अलावा मोहम्मद जीशान ने उनकी खूब मदद की है। उनकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है।