रेवाड़ी, देहरादून और हरिद्वार मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसों में सवारियों की संख्या कम है। कई बार तो यह बसें आठ-दस सवारियों को लेकर ही गंतव्य तक जाती हैं। इसे लेकर कई परिचालकों के वेतन से कटौती किए जाने के निर्देश दिए हैं।
हाथरस डिपो के अधिकारियों ने ऐसे मार्गों की पहचान की है, जहां लगातार कम यात्री मिल रहे हैं। इन मार्गों पर चल रही बसों के आठ परिचालकों पर भी कार्रवाई की गई है। जिन बसों में लगातार कम टिकट बिक्री हुई है, उन परिचालकों के वेतन से कटौती की गई है। डिपो प्रबंधन का मानना है कि परिचालकों को भी अपनी कार्य प्रणाली में व सेवा में सुधार के लिए प्रयास करना चाहिए। एआरएम प्रदीप यादव ने बताया कि कम आय वाले मार्गों पर बस सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। बस सेवाओं के समय, सुविधा और किराए की जानकारी स्थानीय स्तर पर पहुंचाई जाएगी।
इसलिए घट रहा बसों में यात्रा का रुझान
निजी ट्रेवल्स और शेयर टैक्सी सेवाओं के बढ़ते रोडवेज की बसों से यात्रियों का रुझान कम कर दिया है। इसके अलावा लंबी दूरी के लिए लोग अब ट्रेन या निजी वाहनों का अधिक उपयोग कर रहे हैं। इन कारणों से रेवाड़ी, देहरादून और हरिद्वार जैसी रूटों पर बसों में सीटें खाली रह जाती हैं।
करीब 30 फीसद है इन मार्ग का लोड फैक्टर
आगरा-देहरादून, दिल्ली-कासगंज, रेवाड़-मुरादाबाद, दिल्ली-कासगंज, अलीगढ़-आगरा, दिल्ली-कासगंज, आगरा-मेरठ, आगरा-हरिद्धार मार्ग पर चलने वाली बसों के परिचालकों का 700 से लेकर 800 रुपये तक वेतन कटौती की जाएगी।