फिर सेवानिवृत प्रोफेसर से तीसरे दिन 30 सितंबर की बातचीत में रुपये ट्रांसफर कराने को कहा और महिला के सेंट्रल बैंक के खाते से पटना के एक इंडस बैंक के खाते में 37 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। फिर इसके अगले दिन एक अक्तूबर को महिला ने एसबीआई मेडिकल रोड जाकर उनके द्वारा बताए गए भीलवाड़ा राजस्थान की आईसीआईसीआई बैंक शाखा के खाते में 25 लाख रुपये जमा किए। दोनों बार की रकम प्राप्ति की रसीद महिला को दी। फिर तीसरी बार में दो दिन के अंतराल के बाद तीन अक्तूबर को वर्द्धमान पश्चिम बंगाल के एक बैंक खाते में सेंट्रल बैंक से पांच लाख रुपये जमा कराए गए। चौथी बार सात अक्तूबर को आठ लाख रुपये एसबीआई मेडिकल रोड से जाम नगर गुजरात के आईसीआईसीआई बैंक के खाते में जमा कराए।
सात अक्तूबर को जब शातिर ठगों से बुजुर्ग सेवानिवृत्त महिला प्रोफेसर का आखिरी बार रकम जमा होने के बाद संपर्क टूट गया। तब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। महिला ने अपने भाई को हुई साइबर ठगी की जानकारी दी। इसके बाद साइबर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत की गई। साइबर थाने में पीड़ित महिला ने शुक्रवार को पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया। इस दौरान हैकरों ने वीडियो कॉल पर बातचीत में महिला के हाथों में पहनी सोने की चूड़ियां देख लीं। उन्हें लेकर कहा कि आप इन्हें गिरवी रखकर इसके पैसे भी हमें भेज दें। तब महिला ने पांच तारीख को इन चूड़ियों से एसबीआई से 2.60 लाख का गोल्ड ऋण लिया। इसे मिलाकर आठ लाख रुपये सबसे आखिर में जमा किए गए। साइबर थाने के प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने मुकदमे दर्ज करने व जांच करने की बात कही।
21 खातों में पहुंची रकम, 13 लाख होल्ड
साइबर थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि साइबर थाना टीम ने सेवानिवृत्त महिला प्रोफेसर की शिकायत के बाद बैंकों को अलर्ट मेसेज भेजा। इसके आधार पर जानकारी मिली कि जिन चार खातों में रकम डलवाई गई है, उनसे आगे के 21 खातों में पूरी रकम गई है। यह बैंक खाते वर्द्धमान, पटना, नागौर राजस्थान, वायनाड केरल, कोचीकोड केरल, मन्नातरई तमिलनाड़ू, चेन्नई, जाम नगर गुजरात, भीलवाड़ा राजस्थान, गुना मध्य प्रदेश, तिरचल्ली तमिलनाडु आदि शहरों के हैं। उन्होंने बताया कि इन खातों में पहुंची करीब 13 लाख रुपये की रकम शनिवार देर शाम तक होल्ड करा दी गई है। मामले में अग्रिम जांच व कार्रवाई जारी है।